कॉकरोच जनता पार्टी
(CJP) के संस्थापत अभिजीत दिपके ने चुनाव आयोग पर उठ रहे गंभीर सवालों के बीच विपक्ष से भी एक कठिन सवाल किया है और सलाह भी दी है। अभिजीत दिपके ने हाल ही में इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग पर उठ रहे गंभीर सवालों की ओर इशारा करते हुए विपक्षी दलों से सवाल किया कि अगर विपक्षी पार्टियों को वास्तव में लगता है कि चुनावों में धांधली हो रही है, तो वे उन्हीं चुनावों में लगातार हिस्सा लेकर उस व्यवस्था को वैधता क्यों दे रही हैं?
अभिजीत दिपके लगातार चुनाव आयोग पर हमलावर हैं और उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने 48 घंटे के भीतर इस्तीफा नहीं दिया, तो देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन किए जाएंगे। सीजेपी की ओर से 2 अक्टूबर को देशभर में प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है।
विपक्ष को क्या कहा?
अभिजीत दिपके ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में विपक्ष पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, 'हां, चुनावों में धांधली हो रही है लेकिन जब आप धांधली वाले चुनावों में हिस्सा लेते रहते हैं, तो आप इन चुनावों को मान्यता देते हैं। आप इस भ्रम को बनाए रखने में मदद करते हैं कि ये चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र हैं।'
उन्होंने आगे लिखा, 'शायद आप इसलिए चुनाव लड़ते रहते हैं क्योंकि आपको डर है कि अगर आप ऐसा नहीं करेंगे, तो आपका अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा। लेकिन आप किस तरह के अस्तित्व को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, जब वोट चोरी हो रहे हैं, आपके MLA और MP तोड़े जा रहे हैं और आपकी पार्टियाँ बांटी जा रही हैं? यह राजनीतिक अस्तित्व बचाए रखना नहीं है। आप बस एक ऐसे सिस्टम में बने रहने की कोशिश कर रहे हैं जो आपको कमजोर कर सकता है। आपकी पार्टी को तोड़ सकता है या आपके चुने हुए प्रतिनिधियों को जब चाहे तब छीन सकता है। आप इस तरह कब तक टिके रह सकते हैं?'
विपक्ष को दी सलाह
अपनी इस पोस्ट में अभिजीत दिपके ने विपक्षी दलों को सलाह देते हुए लिखा, 'आप चुनावों में धांधली की बात सिर्फ तब नहीं कर सकते जब यह उन राज्यों में हो जो आपके लिए मायने रखते हैं और दूसरी जगहों पर ऐसा होने पर चुप रहें। अगर चुनावों में धांधली हो रही है, तो यह मायने रखना चाहिए, चाहे राज्य कोई भी हो या कोई भी पार्टी प्रभावित हो। आप यह कहते हुए कि खेल में धांधली हो रही है, उसी खेल को खेलते नहीं रह सकते। आपकी भागीदारी ही वह चीज है जो इन धांधली वाले चुनावों को मान्यता देती है।' उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील करते हुए लिखा कि अपने राजनीतिक अस्तित्व के बारे में सोचने से पहले देश और उसके लोकतंत्र के बारे में सोचें। कोई स्टैंड लें और धांधली वाले चुनावों में हिस्सा लेना बंद करें।
फिक्सड मैच का उदाहरण दिया
उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए एक सोशल मीडिया पोस्ट किया। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'फिक्स्ड मैच में हर कैच नहीं छोड़ा जाता, कुछ कैच पकड़े भी जाते हैं ताकि मैच को आखिरी ओवर तक खींचकर दिखाया जा सके कि मुकाबला कड़ा था।' उन्होंने इसके बाद ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए लिखा, 'इसी तरह, आपको कुछ जीत दिलाई जाएंगी, इतनी कि आप चुनाव लड़ते रहें और लोगों को लगे कि वास्तव में मुकाबला हुआ था। ये कुछ जीतें वे टुकड़े हैं, जो आपको खेल में बनाए रखते हैं और पूरी प्रक्रिया को वैध दिखाने में मदद करते हैं।'