देशभर में पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आज एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद अब CNG उपभोक्ताओं को भी महंगाई का बड़ा झटका लगा है। दिल्ली-NCR समेत कई शहरों में CNG के दाम भी फिर से बढ़ा दिए गए हैं। इस बार सीएनजी के दाम में एक रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले हाल के दिनों में सीएनजी की कीमतों में दो बार बढ़ोतरी हुई है।
दिल्ली में सीएनजी की कीमत में एक रूपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। पिछले 10 दिनों में यह तीसरी बार है जब सीएनजी के दाम बढ़ाए गए हैं। नई कीमतें लागू होने के बाद दिल्ली में सीएनजी का रेट 80 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गया है।
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मई में लगातार बढ़ रहे दाम
इससे पहले भी मई महीने में सीएनजी की कीमतों को बढ़ाया गया था। 17 मई को सीएनजी के दाम में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई थी और उससे भी पहले, 15 मई को सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई थी। मुंबई, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम जैसे शहरों में भी दाम बढ़ने से टैक्सी, ऑटो और प्राइवेट गाड़ियों के चालकों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।
किन लोगों पर पड़ेगा असर?
CNG की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना ऑटो, टैक्सी या CNG कारों का इस्तेमाल करते हैं। दिल्ली-NCR में लाखों वाहन CNG पर चलते हैं। ऐसे में किराया बढ़ने की संभावना भी बढ़ गई है। ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर लागत बढ़ने से सामान ढुलाई महंगी हो सकती है, जिसका असर आम लोगों की जेब पर भी दिखाई देगा।
शहरों में क्या हैं नए रेट?
नई बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में CNG की कीमत 81.09 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है, जबकि मुंबई में रेट 84 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुके हैं। नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में भी कीमतों में इजाफा हुआ है। अलग-अलग राज्यों में टैक्स और लोकल चार्ज के हिसाब से रेट अलग हैं। जानकारों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में सीएनजी के दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है। इससे आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर भी दबाव बढ़ेगा।
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क्यों बढ़ रहे हैं सीएनजी के दाम?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी इसका बड़ा कारण है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और सप्लाई चेन पर असर की वजह से भारत में गैस कंपनियों की लागत बढ़ गई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू सीएनजी कीमतों पर पड़ रहा है।
सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि लंबे समय तक कीमतें स्थिर रखने की वजह से उन पर भारी आर्थिक दबाव पड़ा। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में कहा था कि सरकारी कंपनियां रोजाना हजारों करोड़ रुपये का बोझ उठा रही थीं। इसी वजह से अब धीरे-धीरे ईंधन कीमतों को बढ़ाया जा रहा है।