तमिलनाडु की तरफ बढ़ रहा दित्वा, श्रीलंका में 200 पहुंचा मौतों का आंकड़ा
दित्वा तूफान तमिलनाडु की तरफ बढ़ रहा है। अब तक इसकी वजह से श्रीलंका में भारी तबाही हो चुकी है।

दित्वा तूफान । Photo Credit: PTI
श्रीलंका में भारी तबाही मचाने के बाद दित्वा तूफान बंगाल की खाड़ी में तेजी से बढ़ रहा है। श्रीलंका में दित्वा की वजह से कम से कम अब तक 200 लोग मारे गए हैं, जबकि काफी लोग लापता हैं। चक्रवात के असर से उत्तरी कोलंबो में भयानक बाढ़ आ गई है। भारत ने तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया और 'ऑपरेशन सागर बंधु' शुरू कर दिया। दक्षिण भारत, खासकर तमिलनाडु और पुडुच्चेरी में हाई अलर्ट है। यहां तीन लोगों की बारिश से जुड़ी घटनाओं में मौत हो चुकी है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले 24 घंटों में तेज बारिश और तूफान आ सकता है।
चक्रवात दित्वा ने श्रीलंका को पूरी तरह झकझोर दिया। आपदा प्रबंधन केंद्र (डीएमसी) के मुताबिक, मौत का आंकड़ा 200 तक पहुंच गया है। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने पूरे देश में इमरजेंसी घोषित कर दी है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की है।
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श्रीलंका में भारी तबाही
केलानी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। एक डीएमसी अधिकारी ने कहा, 'चक्रवात तो चला गया, लेकिन ऊपरी इलाकों में हो रही भारी बारिश से नदी किनारे के निचले इलाके डूब रहे हैं।' कोलंबो के उत्तरी हिस्से में भयानक बाढ़ है। मध्य इलाके में कीचड़ और मलबे से सड़कें बंद हो गई हैं। राहत कार्यकर्ता अब गिरे हुए पेड़ हटा रहे हैं।
तबाही का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि 20,000 से ज्यादा घर नष्ट हो गए। 1 लाख 22 हजार लोग सरकारी अस्थायी शिविरों में शरण ले चुके हैं। इतने ही 8 लाख 33 हजार लोग बाढ़ से विस्थापित हैं और मदद की प्रतीक्षा कर रहे हैं। देश का एक तिहाई हिस्सा बिना बिजली और पीने के पानी के है। बिजली के खंभे गिर गए और पानी के प्लांट डूब गए। इंटरनेट सेवा भी बाधित है।
केंद्रीय इलाके में नुकसान का पूरा आकलन अभी बाकी है। दर्जनों लोग मलबे में दबे हुए बताए जा रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि यह श्रीलंका की सबसे भयानक प्राकृतिक आपदा है।
ऑपरेशन सागर बंधु
भारत ने श्रीलंका की मुश्किल घड़ी में पहला कदम उठाया। 'ऑपरेशन सागर बंधु' के तहत भारतीय वायुसेना, नौसेना और 80 एनडीआरएफ जवान लगातार काम कर रहे हैं। अब तक कोलंबो 27 टन राहत सामग्री पहुंचाई जा चुकी है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर और वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर कोलंबो में तैनात हैं। ये तेजी से मानवीय सहायता और बचाव कार्य कर रहे हैं। शुक्रवार रात हिंडन एयर बेस से एक सी-130 और इल्यूशिन आईएल-76 विमान उड़े। इनमें 21 टन राहत सामग्री, 80 से ज्यादा एनडीआरएफ जवान और 8 टन उपकरण लादे गए।
आईएनएस विक्रांत से चेतक हेलीकॉप्टर सर्च एंड रेस्क्यू उड़ानें भर रहे हैं। रविवार को एक और सी-130जे विमान भेजा गया। वायुसेना ने कहा, 'हम श्रीलंका को हर संभव मदद दे रहे हैं।' भारत की यह पहल पड़ोसी देश के लिए बड़ी राहत है।
तमिलनाडु में 3 मौतें
दित्वा का असर भारत के दक्षिणी हिस्से पर भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है। तमिलनाडु के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री केकेएसएसआर रामचंद्रन ने पुष्टि की कि चक्रवात से जुड़ी बारिश में 3 लोगों की मौत हो गई। डेल्टा जिलों में 149 मवेशी मारे गए और 57,000 हेक्टेयर खेती का नुकसान हुआ।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने रविवार को तमिलनाडु और पुडुच्चेरी के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया। इसमें चेन्नई भी शामिल है। विभाग ने चेतावनी दी कि हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक के साथ बिजली चमक सकती है।
आईएमडी की एक्स पोस्ट के मुताबिक, 'चक्रवात लगभग सीधे उत्तर की ओर बढ़ रहा है। यह उत्तर तमिलनाडु-पुडुच्चेरी तट के समानांतर चलेगा। अगले 24 घंटों में यह दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में रहेगा। दोपहर तक तट से न्यूनतम 70 किमी और शाम तक 30 किमी दूर होगा।'
5 टीमें चेन्नई पहुंची
आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह अलर्ट पर हैं। एनडीआरएफ की 6ठी बटालियन की 5 टीमें वडोदरा से हवाई जहाज से चेन्नई भेज दी गईं। ये टीमें बाढ़ बचाव (एफडब्ल्यूआर) और ढह गई इमारतों में सर्च-एंड-रेस्क्यू (सीएसएसआर) उपकरणों से लैस हैं।
एनडीआरएफ ने कहा, 'तमिलनाडु में भारी बारिश और तेज हवाओं से स्थिति गंभीर है। हम तैयार हैं।' चेन्नई और आसपास के जिलों में हाई अलर्ट है। लोग घरों में रहने की सलाह दी जा रही है।
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मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि चक्रवात तट से टकराए बिना ही उत्तर की ओर बढ़ेगा। लेकिन इसके आसपास की बारिश और हवाएं खतरनाक हैं। तमिलनाडु के तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। पुडुच्चेरी में भी स्कूल-कॉलेज बंद हैं।
श्रीलंका में राहत कार्य तेज हो गए हैं। भारत की मदद से हजारों लोगों को खाना, पानी और दवाएं पहुंच रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, 'पड़ोसी देश की तकलीफ हमारी तकलीफ है।'
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