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भारत में कब तक रहेगी हेली गुब्बी ज्वालामुखी की राख, क्या बोले एक्सपर्ट?

इथियोपिया से चलते हुए यह राख भारत पहुंच चुकी है। इस राख में सल्फर डाई ऑक्साइड जैसे तमाम नुकसानदायक तत्व हैं।

ज्वालामुखी से निकलता धुआं । Photo Credit: Social Media

ज्वालामुखी से निकलता धुआं । Photo Credit: Social Media

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इथियोपिया के अफार क्षेत्र में मंगलवार को लंबे समय से सुप्त पड़ा हुआ ज्वालामुखी हेली गुब्बी अचानक फट गया। इससे निकली राख का बहुत बड़ा बादल लाल सागर को पार करके यमन और ओमान की ओर गया। फिर सोमवार देर रात यह बादल भारत में दाखिल हो गया और दिल्ली में रात करीब 11 बजे पहुंच गया।

 

मौसम विभाग के अनुसार अब यह राख का बादल दिल्ली-एनसीआर, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा को प्रभावित करेगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक बाद में यह हिमालय क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के तराई इलाकों पर भी असर डालेगा।

 

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राख के बादल में क्या है?

राख के बादल में तमाम ऐसे तत्व हैं जो कि लोगों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं।  इसमें सल्फर डाइऑक्साइड गैस और बहुत बारीक पत्थर के कण होते हैं जो कि सांसों के अंदर जाकर स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक हो सकते हैं। यह बादल 15,000 से 25,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे हैं। कभी-कभी ये 45,000 फीट तक भी चले जाते हैं। उत्तर भारत में इसकी रफ्तार 100-120 किलोमीटर प्रति घंटा है।

 

 

 

कब तक भारत में रहेगा?

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र के मुताबिक यह राख का बादल मंगलवार शाम 7:30 बजे (भारतीय समय) तक भारत से बाहर निकल जाएगा। इसके बाद यह चीन की ओर बढ़ जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया है कि फ्लाइट के उड़ने से उसके इंजन को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए एविएशन विभाग ने एयरलाइंस को सावधानी बरतने की सलाह दी है। अकासा एयर ने 24 और 25 नवंबर को जेद्दा, कुवैत और अबू धाबी की सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं।

 

फिलहाल आम लोगों के लिए कोई बड़ा खतरा नहीं है, लेकिन अगर बाहर जाएं तो खासकर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में मास्क पहनकर ही बाहर जाना ठीक रहेगा।

इथियोपिया में फटा ज्वालामुखी

रविवार को इथियोपिया में अचानक से एक ज्वालामुखी 12000 साल बाद फट गया। ज्वालामुखी का विस्फोट इतना भयानक था कि लोगों के दिल दहल गए। धुएं का गुबार देखकर लोगों में हलचल मच गई और लोग समझ नहीं पा रहे थे कि क्या हुआ।

 

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ज्वालामुखी से निकला यही धुआं पहले ओमान और यमन तक पहुंचा और बाद में पाकिस्तान भारत तक पहुंच गया। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अब आगे बढ़ते हुए इसके चीन पहुंचने की संभावना है।



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