प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी
मंगलवार को मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में पहुंचे। यहां उन्होंने फिनटेक के क्षेत्र में भारत की प्रगति का उल्लेख किया और बताया कि यूपीआई आज सिर्फ भारत तक सीमिति नहीं है। आज भारत का यूपीआई 11 देशों में चल रहा है। पीएम मोदी ने प्रश्न के राष्ट्रपति मैक्रों के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने यूपीआई न सिर्फ तकनीकी, बल्कि एक सभ्यतागत कहानी बताया था।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, 'भारत की फिनटेक कहानी शानदार रही है। इसमें UPI का बहुत बड़ा योगदान है। यह इतना बड़ा बदलाव है कि जब भी फिनटेक की बात होगी, तो यूपीआई के बिना वह अधूरी होगी।'
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बता दें कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यूपीआई की शुरुआत 11 अप्रैल 2016 को हुई थी। हालांकि आम जनता के लिए यह सुविधा 25 अगस्त 2016 से शुरू हुई थी। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने इसे विकसित किया है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में यूपीआई की 10 साल की यात्रा का भी जिक्र किया और बताया, '25 अगस्त को यूपीआई ने अपने 10 साल पूरे किए। 10 साल पहले जब मैं कहता था कि आपका बैंक आपकी उंगलियों पर होगा तो कुछ लोगों को यह नामुमकिन लगता था। मैं अच्छी जानकारी रखने वाले लोगों की बात कर रहा हूं, उनके चेहरे याद कीजिए।'
बता दें कि पूर्व वित्त मंत्री और दिग्गज कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने शुरुआत में यूपीआई की आलोचना की थी। तब उन्होंने कहा था कि अगर कोई गांव के मेले में साढ़े सात रुपये के आलू और टमाटर खरीदेगा तो वह क्रेडिट कार्ड या डिजिटल माध्यम से कैसे पेमेंट करेगा?
11 देशों में चल रहा देश का यूपीआई
पीएम मोदी ने आगे कहा, 'सिर्फ अगस्त महीने में यूपीआई के जरिए 2400 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन हुआ। इसी असर को देखते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि यूपीआई सिर्फ एक तकनीकी कहानी नहीं, बल्कि एक सभ्यतागत कहानी है। यूपीआई सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं है। आज भारत का यूपीआई दुनिया के 11 देशों में चल रहा है। ये शानदार आंकड़े हैं, जो हमें उस लंबे सफर के बारे में बताते हैं जो हमने तय किया है।'
पीएम मोदी ने वैश्विक हालात, संघर्ष और तनाव का भी उल्लेख किया। बताया कि अप्रैल-जून की तिमाही सबसे चुनौतीपूर्ण रही है। दुनिया का भारत पर भरोसा बढ़ रहा है। 30 साल बाद जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने भारत की सॉवरेन रेटिंग को 'A' श्रेणी में कर दिया है।
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वैश्विक हालात, संघर्ष और तनाव का भी जिक्र
पीएम ने कहा, 'आप सभी मौजूदा वैश्विक हालात से अच्छी तरह वाकिफ हैं। दुनिया संघर्षों और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। एनर्जी और कमोडिटी सप्लाई चेन पर दबाव है। व्यापार को लेकर तनाव है। यह स्थिति कई महीनों से बनी हुई है। अप्रैल-जून तिमाही सबसे चुनौतीपूर्ण रही है। इसके बावजूद जब भारत 7.8 फीसद की दर से आगे बढ़ता है तो दुनिया को एक नई उम्मीद दिखती है।'
तेज होगी भारत की सुधार एक्सप्रेस की रफ्तार
पीएम मोदी ने आगे कहा, 'भारत में बढ़ता भरोसा हमारी सॉवरेन रेटिंग से भी झलकता है। हाल ही में जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने भारत की सॉवरेन रेटिंग को 'A' कैटेगरी में अपग्रेड किया है। बहुत कम लोग जानते हैं कि यह 3 दशक यानी 30 साल बाद हुआ है। इससे पता चलता है कि दुनिया को भारत की विकास की गति, हमारी मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिरता और पिछले कुछ वर्षों में किए गए स्ट्रक्चरल सुधारों पर कितना भरोसा है। भारत की 'सुधार एक्सप्रेस' और भी तेजी से आगे बढ़ेगी।'