नीट पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर में हुए छात्रों के आंदोलन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हमने अपने समय में कभी बड़ों से सवाल नहीं किया। जब मेरी आयु आज के 'जेन-जी' की उम्र की थी तब बड़े जो कहते थे, उसे हमारी पीढ़ी सुनती थी। मगर आज जेन-जी को तार्किक जवाब चाहिए।
मुंबई में आयोजित जेन-जी और जेन अल्फा सम्मेलन में मोहन भागवत ने कहा कि जेनरेशन जेड और जेनरेशन अल्फा ईमानदार पीढ़ियां हैं। जहां तक 'जेन-जी' का प्रश्न है और हाल ही में जो कुछ भी हुआ। उनकी शिकायत जायज है। लोकतंत्र में आंदोलन-प्रदर्शन आम सहमति पर पहुंचने का मार्ग है। विरोध-प्रदर्शन संवाद का एक तरीका है।
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6 फीसद हो शिक्षा बजट
भागवत ने कहा कि जेन-जी पर मुझे आंख मूंदकर भरोसा है। शिक्षा का बजट 6 फीसदी हो। जेन-जी आंदोलन देश के खिलाफ नहीं है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की वकालत की। कहा कि जेन-जी भी हमारे हैं। बातचीत जरूरी है। भागवत ने शिक्षा व्यवस्था में कुछ खामियां भी स्वीकार की और कहा कि इन्हें ठीक करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ अनुशासन जरूरी है।
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पैलेट गन क्यों चली?
भागवत ने पुलिस एक्शन और लाठीचार्ज व पैलेट गन का भी जिक्र किया और कहा, 'लाठी से हमला क्यों हुआ? इसमें पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया और इसके पीछे के कारणों का अध्ययन करने की जरूरत है। भागवत ने कहा कि शिक्षा कोई व्यवसाय नहीं है। हमें सभी को शिक्षा प्रदान करनी होगी। शुल्क संरचना पर काम करने की जरूरत है।