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64.3% जनता सामाजिक सुरक्षा के दायरे में, गावों में मिल रहीं सुविधाएं

आर्थिक मामलों के विभाग की मासिक समीक्षा में सामने आई इस रिपोर्ट के मुताबिक, बहुआयामी रूप से देश की गरीब जनसंख्या का अनुपात भी घटा है।

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वित्त मंत्रालय। Photo Credit (@FinMinIndia)

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केंद्र सरकार ने सोमवार को सतत विकास लक्ष्य (Sustainable Development Goal) नेशनल इंडिकेटर फ्रेमवर्क (NIF) 2025 के नए आंकड़े जारी कर दिए। इसके आंकड़ों के मुताबिक, 2025 के आखिर तक देश की लगभग 64.3 फीसदी जनता सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों के अंतर्गत आ जाएगी। यह आंकड़ा साल 2016 में महज 22 फीसदी थी। ताजा आंकड़े देश में सामाजिक सुरक्षा कवरेज में शानदार बढ़ोतरी का संकेत है।

 

आर्थिक मामलों के विभाग की मासिक समीक्षा में सामने आई इस रिपोर्ट के मुताबिक, बहुआयामी रूप से देश की गरीब जनसंख्या का अनुपात भी घटा है। यह 2015-16 में 24.9 फीसदी था, जो घटकर 2019-21 में 15 फीसदी रह गया गया है। मासिक आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया है, 'यह उपलब्धि समावेशी विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।' 

 

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बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच में  सुधार

इसके अलावा लोगों की बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच में भी सुधार देखने को मिला है। केंद्र सरकार की पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पानी पीने के लिए इस्तेमाल करने वाली आबादी के प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई है। यह 2015-16 में 94.6 फीसदी से बढ़कर 2024-25 में 99.6 फीसदी हो गई है।

 

रिपोर्ट के मुताबिक, 2021-22 तक देश के सभी इलाकों में घरेलू बिजलीकरण के लक्ष्य को प्राप्त होने की उम्मीद है, जबकि 2024-25 तक 100 फीसदी जिलों के खुले में शौच मुक्त लक्ष्य प्राप्त करने का अनुमान है।

 

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जीवन स्तर में सुधार लाने में मददगार

रिपोर्ट में आगे कहा गया है, 'किफायती आवास, मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, वित्तीय समावेशन, बुनियादी सुविधाओं तक सभी की पहुंच और उच्च-गुणवत्ता वाली किफायती स्वास्थ्य सेवा देने के सरकार के प्रयास समग्र कल्याण और जीवन स्तर में सुधार लाने में मददगार हैं।'

 

मासिक आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट की बात करें तो, भारत की अर्थव्यवस्था ने 2025-26 की पहली तिमाही में अपनी विकास गति को बनाए रखा है। हाई फ्रीक्वैंसी इंडिकेटरों ने बड़े पैमाने पर सामाजिक सुरक्षा में मजबूती दिखाई, जिसकी वजह से साल-दर-साल इसमें बढ़तोरी हो रही है। समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, जहां विनिर्माण और निर्माण क्षेत्रों का विस्तार जारी रहा, वहीं सेवा क्षेत्र ने 2025-26 की पहली तिमाही में समग्र आर्थिक विकास को गति दी।

 

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