केंद्र सरकार ने सेंट्रल दिल्ली में मौजूद दिल्ली जिमखाना क्लब को 5 जून तक 27.3 एकड़ का परिसर खाली करने को कहा है। यही नहीं सरकार ने पांच जून तक पूरा परिसर सौंपने का आदेश दिया है। सरकार का कहा है कि यह जमीन रक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत और इसे सुरक्षित करने के लिए जरूरी है। केंद्र के इस फैसले के बाद जिमखाना क्लब के सदस्य लगातार इस फैसले का विरोध कर रहे हैं।
जिमखाना क्लब के सदस्य सरकार के फैसले के खिलाफ कोर्ट चले गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट मंगलवार यानी 26 मई को इसपर सुनवाई करेगा। इस तमाम प्रतिक्रियाओं के बीच जिमखाना क्लब को लेकर दो प्रतिक्रियाएं ऐसी आई हैं, जिससे कई लोग हैरान हैं।
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किरण बेदी ने केंद्र सरकार का विरोध किया
दरअसल, बीजेपी के अधिकतर फैसलों में साथ देने वाली पूर्व राज्यपाल किरण बेदी ने केंद्र सरकार का विरोध किया है और इस फैसले पर दोबारा से विचार करे। वहीं, हरियाणा के चर्चिच आईएएस अधिकारी अशोक खेमका अक्सर बीजेपी सरकार के फैसलों का विरोध करते हैं- उन्होंने इस फैसले का स्वागत किया है।
समर्थन में आए आईएएस अशोक खेमका
आईएएस अशोक खेमका ने केंद्र के इस फैसले को बड़ा कदम बताया। उन्होंने अपनी बात सोशल मीडिया पर रखी। खेमका ने कहा, 'दिल्ली जिमखाना क्लब की लीज खत्म करना सरकार का एक बड़ा कदम है। यह क्लब 10,000 करोड़ से ज्यादा कीमत की प्राइम सार्वजनिक जमीन पर बना हुआ है। उम्मीद के मुताबिक, जमे-जमाए अमीर लोग इसका विरोध करेंगे। असली सवाल यह है कि क्या मोदी सरकार मजबूती से अपने फैसले पर खड़ी रहेगी, या आखिर में अमीर लोगों के दबाव में आ जाएगी?'
किरण बेदी ने क्या कहा?
वहीं, देश की पहली महिला आईपीएस किरण बेदी ने 'एक्स' पर सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, 'यह बहुत बुरा है। यह सच में बहुत दुखद है। उम्मीद है इस प्रपोजल पर दोबारा सोचा जाएगा।'
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उन्होंने जिमखाना क्लब के अतीत को याद करते हुए कहा कि बीजेपी नेता अरुण जेटली ने अपनी जिंदगी में क्लब में एक नया पूल बनवाया था। बेदी ने कहा, 'यहां कुछ बेहतरीन टेनिस मैच खेले गए हैं। इस जगह से बहुत सारा इतिहास, बहुत सारी यादें और कई पीढ़ियों का बेहतरीन खेल जुड़ा हुआ है।'
'दिल्ली जिमखाना क्लब सिर्फ एक प्रॉपर्टी नहीं है बल्कि यह हमारी संस्थागत और खेल विरासत का हिस्सा है। बदलाव जरूरी हो सकता है लेकिन इतिहास और विरासत को सोच-समझकर बचाना चाहिए। हम वहां भी कुछ नया जोड़ने का प्लान बना सकते हैं।'