उत्तर भारत में कई दिनों से लगातार तेज बारिश हो रही है। इसका सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है। यूपी के कई जिलों में भारी तबाही मची हुई है। इसमें अब तक 56 लोगों की जान चली गई हैं। उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए रिवर राफ्टिंग को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। साथ ही ओडिशा में महानदी और अन्य नदियां उफान पर हैं जिसके कारण वहां बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
आपको बता दे कि यूपी में 25 सितंबर की सुबह से लगातार बारिश हो रही है। इस कारण जन-जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रशासन ने सभी को सुरक्षित रहने की सलाह दी है।
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यूपी का हाल
उत्तर प्रदेश में 25 सितंबर की सुबह से 27 सितंबर की सुबह तक केवल 48 घंटों में रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज की गई है। बारिश के दौरान राज्य में औसतन 4.5 मिमी की जगह 97.6 मिमी बारिश हुई। इस बारिश ने 56 जिलों को प्रभावित किया है। प्रशासन ने बताया कि बारिश और हादसों में अब तक 56 लोगों की जान चली गई है और 46 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 1,020 से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा है। फर्रुखाबाद, कन्नौज, शाहजहांपुर, हमीरपुर और महोबा जैसे जिलों में सामान्य से 4,000% से भी अधिक बारिश हुई है। हालांकि, अब मौसम में थोड़ा सुधार हुआ है।
ऋषिकेश में राफ्टिंग पर लगी रोक
यूपी के पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के ऋषिकेश में भी लगातार हो रही बारिश का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी और गंगा नदीं का जलस्तर बढ़ने के चलते प्रशासन ने ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक मौसम में सुधार नहीं होता है नदी का जलस्तर सुरक्षित स्थिति में नहीं आ जाता तब तक राफ्टिंग बंद रहेगी।
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ओडिशा में बाढ़ की स्थिति
ओडिशा के निचले इलाकों में महानदी नदी में पानी के भारी दबाव की वजह से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, मुंडाली के पास से सोमवार यानी 28 सितंबर तक लगभग 8 लाख क्यूसेक पानी गुजरने की संभावना है। इससे कटक, खुर्दा, पूरी और जगतसिंहपुर जैसे जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा उत्तर ओडिशा में बैतरणी, सालंदी और सुवर्णरेखा नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।