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अमेरिका और ईरान की जंग में कितने भारतीय नाविक मारे गए? लिस्ट डरा देगी

UAE के तेल टैंक पर ईरान के हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई है। भारत ने ईरान के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन मोहम्मद जावेद हुसैनी को तलब किया है।

Strait of Hormuz PTI

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज। Photo Credit: PTI

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अमेरिका और ईरान की जंग में भारतीय मारे जा रहे है। नई दौर की झड़प में भी एक भारतीय नागरिक ने अपनी जान गंवाई है। ईरानी मिसाइलों ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के 2 तेल टैंकरों पर हमला किया, जिसमें भारतीय नागरिक मारा गया है। भारत ने ईरान के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन मोहम्मद जावेद हुसैनी को तलब किया है। सोमवार को हुए इस झड़प में 6 भारतीय समेत 8 नाविक घायल भी हुए हैं। 

UAE ने बताया कि दोनों टैंकरों में आग लग गई थी, जिसे बाद में बुझा लिया गया। चार घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था, तब से लेकर अब तक जंग थमी नहीं है। शांति वार्ता और संघर्ष विराम समझौतों के दौरान और बाद में भी मौतें हुईं है। 

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15 नाविकों की हो चुकी है मौत

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और आसपास के इलाकों में मर्चेंट जहाजों पर हुए हमलों में कम से कम 15 नाविक मारे गए हैं, जिनमें ज्यादातर भारतीय हैं। संयुक्त राष्ट्र की पिछली महीने की रिपोर्ट में यह संख्या 14 थी, जो अब बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के मुताबिक जंग छिड़ने के बाद से अब तक वाणिज्यिक जहाजों पर 46 हमले हो चुके हैं। 

 

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कब-कब हमलों में मारे गए हिंदुस्तानी?

  • 1 मार्च: युद्ध शुरू होने के एक दिन बाद मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले तेल टैंकर MKD व्योम पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हमला हुआ। इसमें एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। अमेरिका ने ईरानी बलों पर आरोप लगाया। उसी दिन ओमान के मुसंदम प्रायद्वीप के पास पलाउ झंडे वाले टैंकर स्काईलाइट पर हमला हुआ। इसमें दो भारतीय नाविक मारे गए।

  • 8 मई: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास एक लकड़ी का छोटा जहाज (ढाब) आग की चपेट में आ गया, जिसमें एक भारतीय नाविक की जान चली गई।

  • 9 जून: ओमान तट के पास अमेरिकी बलों ने पलाउ झंडे वाले तेल टैंकर MT स्टेबेलो पर हमला किया। इसमें तीन भारतीय नाविक मारे गए। मृतकों की पहचान कैडेट आदित्य शर्मा, फिटर शिवानंद चौरसिया और चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश के रूप में हुई। अमेरिका ने कहा कि जहाज ईरानी बंदरगाहों पर लगे ब्लॉकेड का उल्लंघन कर रहा था।

  • 12 जुलाई: ओमान तट के पास साइप्रस झंडे वाले मर्चेंट वेसल GFS गैलेक्सी पर हमला हुआ। इसमें 11 भारतीय नाविक सवार थे। विदेश मंत्रालय के अनुसार 10 भारतीयों को बचा लिया गया, जबकि एक नाविक अब भी लापता है।

  • 14 जुलाई: ईरानी क्रूज मिसाइलों ने ओमान जल क्षेत्र में यूएई के तेल टैंकर मोम्बासा और Al बहिया पर हमला किया। इसमें एक भारतीय नाविक की मौत हो गई और छह भारतीय समेत आठ लोग घायल हुए।

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क्यों सबसे ज्यादा प्रभावित हुए भारतीय?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया का 20 फीसदी तेल और व्यापार होता है। युद्ध की वजह से यहां यातायात बहुत कम हो गया है। 9 भारतीय जहाजों पर 198 भारतीय नाविक फंसे हुए हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर बहुत निर्भर है। IMO ने चेतावनी दी है कि खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति बिगड़ रही है और करीब 20,000 नाविक अभी भी खतरे में हैं। संगठन ने सभी पक्षों से नागरिक जहाजों की सुरक्षा और समुद्री नेविगेशन की आजादी बनाए रखने की अपील की है।

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