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ना सांसद, ना मंत्री, फिर स्मृति ईरानी ने दावोस में 20 लाख डॉलर कैसे जुटा लिए? 

वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम में हिस्सा लेने पहुंची स्मृति ईरानी की अगुवाई वाले एक ग्रुप ने 20 लाख डॉलर की फंडिंग जुटा ली है।

smriti irani at world economic forum

स्मृति ईरानी, Photo Credit: Social Media

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पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अब ना तो विधायक, ना सांसद हैं और ना ही मंत्री हैं। इसके बावजूद वह इन दिनों वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम (WEF) में हिस्सा लेने के लिए स्विटजरलैंड के दावोस शहर पहुंची हैं। स्मृति ईरानी ना सिर्फ दावोस पहुंची हैं बल्कि उनकी अगुवाई वाले एक ग्रुप ने इस मंच पर 20 लाख डॉलर यानी तकरीबन 18 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं। वह महिला उद्यमियों के लिए 10 करोड़ डॉलर का फंजड बनाने की योजना पर काम कर रही हैं और इसी क्रम में वह WEF के मंच पर पहुंची हैं। जो पैसे जुटाए गए हैं वह देशभर की महिलाओं की अगुवाई वाली छोटी-छोटी कंपनियों या उद्योगों की मदद पर खर्च किया जाएगा।

 

इसके बारे में स्मृचि ईरानी ने पीटीआई-भाषा से बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में उन्हें साल 2024 में दावोस में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने का अवसर मिला था। उसी साल भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और गेट्स फाउंडेशन की पार्टनरशिप में ‘वैश्विक भलाई के लिए गठबंधन- स्त्री-पुरूष समता एवं समानता’ की शुरुआत की गई थी, जिसमें WEF भी नेटवर्क पार्टनर है।

 

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इस गठबंधन की संस्थापक और चेयरपर्सन के तौर पर लगातार दूसरे साल WEF बैठक में भाग ले रहीं ईरानी ने कहा कि दावोस में स्त्री-पुरुष समानता, समान अवसर और न्याय के मुद्दों को सामने लाने का मकसद यह था कि ये विषय केवल सामाजिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी सार्थक हों। 

 

 

 

क्या करता है यह ग्रुप?


उन्होंने कहा, 'पिछले दो साल में इस गठबंधन ने 21,000 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों से संवाद किया है और ऐसे मॉडल विकसित करने में मदद की है, जिन्हें खासकर महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वैश्विक स्तर पर अपनाया जा सकता है।' स्मृति ईरानी ने बताया कि यह गठबंधन मातृ मृत्यु दर को कम करने जैसे क्षेत्रों में भी काम कर रहा है।

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का जोर छोटे कारोबारों, विशेषकर महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने पर है। इसी के तहत ‘स्पार्क’ नामक एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम शुरू किया गया है, जो देश के करीब 300 शहरों में लागू किया जा रहा है जिसका लक्ष्य महिला-स्वामित्व वाले एक लाख छोटे व्यवसायों की मदद करना है।

 

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स्मृति ईरानी ने कहा कि इस पहल के लिए पूंजी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है और 10 करोड़ डॉलर का फंड स्थापित करने की योजना है। उन्होंने कहा, 'मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि पिछले 48 घंटों में हम भारत की महिला-नेतृत्व वाली यूनिट्स के लिए 20 लाख डॉलर जुटाने में सफल रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि यह गठबंधन देश के भीतर महिलाओं के हार्मोनल, हड्डी और मस्तिष्क स्वास्थ्य से जुड़े आयुर्वेद आधारित इलाज में चार करोड़ डॉलर के निवेश का मंच बनकर उभरा है। महिलाओं को विधायिका में आरक्षण देने वाले नए कानून पर उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक कदम है जो पुरुषों और महिलाओं को देश सेवा के लिए समान अवसर देता है।

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