आजकल बिहार काडर के आईएएस अधिकारी नीलेश देवरे सुर्खियो में बने हुए हैं। उनके ऊपर आरोप है कि उन्होंने परिवार के साथ एक चार्टर प्लेन में सफर किया। मुद्दा इतना बढ़ा कि विधान परिषद में भी इसको लेकर सवाल उठ खड़े हुए। सरकार का कहना है कि चूंकि विमान खाली लौट रहा था इसलिए उनका इसमें बैठ के लौटना नियमों के खिलाफ नहीं है।
हालांकि, इस पर राज्य सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि यह मामला कोई नया नहीं है बल्कि पिछले साल जुलाई का है। उनका कहना था कि यह मामला पिछले साल जुलाई का है, जिसमें से एक सरकारी था और दूसरा देवेश चंद्र ठाकुर के आवास पर निजी कार्यक्रम था। मंत्री ने कहा कि वापसी के वक्त विमान खाली लौट रहा था, ऐसे में अधिकारी का उसमें वापस लौट के आना कोई गलत बात नहीं है।
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ऐसे में जानते हैं कि किसी आईएएस अधिकारी के खिलाफ अगर कोई अनियमितता पाई जाती है तो उसके खिलाफ कौन कार्रवाई कर सकता है?
1. IAS अधिकारी को कौन सस्पेंड कर सकता है?
किसी भी IAS अधिकारी को सस्पेंड करने का अधिकार उस सरकार को होता है जिसके लिए वह काम कर रहा है।
2. क्या केंद्र सरकार/मंत्रालय/विभाग किसी IAS अधिकारी को सस्पेंड करने या विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए सक्षम हैं?
नहीं। केंद्र सरकार के मंत्रालय/विभाग खुद से IAS अधिकारी के खिलाफ निलंबन करने या विभागीय कार्यवाही शुरू करने के सक्षम नहीं हैं। हालांकि, संबंधित प्रशासनिक मंत्रालय/विभाग (जिसमें अधिकारी काम कर रहा है) को यह फैसला लेना होता है कि कार्यवाही शुरू की जाए या नहीं। यह फैसला अधिकारी के शुरूआती स्पष्टीकरण (preliminary explanation) और अगर विजिलेंस का मामला हो तो CVC की सलाह के आधार पर उनके मंत्री के स्तर पर लिया जाता है। इसके बाद प्रस्ताव Department of Personnel & Training (DoPT) को भेजा जाता है, क्योंकि अंतिम रूप से विभागीय कार्यवाही शुरू करने का अधिकार केंद्र सरकार (DoPT के माध्यम से) के पास ही होता है।
3. आईएएस अधिकारी के खिलाफ आईपीसी (IPC) के अपराधों के लिए मुकदमा चलाने की अनुमति (sanction for prosecution) कौन दे सकता है?
वह सरकार, जिसके अधीनस्थ अधिकारी काम कर रहा है। यानी अगर राज्य सरकार के साथ काम कर रहा है तो राज्य सरकार, केंद्र में है तो केंद्र सरकार।
4. आईएएस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति देने में कितना समय लगना चाहिए?
सुप्रीम कोर्ट के विनीत नारायण मामले के फैसले के अनुसार, अनुमति 3 महीने के अंदर दे दी जानी चाहिए।
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5. आईएएस अधिकारी के खिलाफ शिकायत किसे भेजी जा सकती है?
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अगर अधिकारी राज्य सरकार के साथ काम कर रहा है, तो शिकायत आमतौर पर मुख्य सचिव या प्रधान सचिव (सामान्य प्रशासन विभाग) को भेजी जाती है, क्योंकि राज्य सरकार ही उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।
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अगर अधिकारी केंद्र में काम कर रहा है, तो शिकायत सचिव /अतिरिक्त सचिव/ संयुक्त सचिव को भेजी जा सकती है।
6. बेनामी या फर्जी शिकायतों के बारे में क्या नियम है?
CVC (केंद्रीय सतर्कता आयोग) के निर्देशों के अनुसार, बेनामी या फर्जी नाम वाली शिकायतों पर कोई कार्रवाई किए जाने का प्रावधान नहीं है। हालांकि, अगर ऐसी शिकायत में जांच करने लायक सच्ची और सत्यापित (verifiable) बातें हों, तो विभाग के प्रमुख की मंजूरी से DoPT (कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग) के नियमों के अनुसार कार्रवाई हो सकती है।