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IIT बॉम्बे के 20 साल के साहिल ने किया सुसाइड, प्रोफेसर सस्पेंड, समझिए पूरा विवाद

IIT बॉम्बे में 20 साल के साहिल की लाश उसके कमरे में पंखे से लटकी मिली। इस मामले में परिवार ने प्रोफेसर पर आरोप लगाए जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है।

IIT Bombay Professor Suryanarayana Doolla

IIT बॉम्बे में छात्र की मौत पर बवाल, Photo Credit: Social Media

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IIT बॉम्बे के एक छात्र की मौत को लेकर शुरू हुआ विवाद लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इस मामले में अब डीन ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला पर SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज हो चुकी है। IIT बॉम्बे के डायरेक्टर शिरीष बी. केदारे ने जानकारी देते हुए बताया कि डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स के प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में आगे की कार्रवाई जांच के बाद की जाएगी। 


महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले साहिल वाकोडे, IIT बॉम्बे में एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में BTech दूसरे साल के छात्र थे। शुक्रवार को उनके हॉस्टल में उनकी लाश छत पर लगे पंखे से लटकी हुई मिली। इस कथित आत्महत्या के मामले में पुलिस ने जांच शुरू की और उनके शव का पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद साहिल के परिवार ने न्याय की मांग की और IIT बॉम्बे के प्रोफेसर पर आरोप लगाए। इस मामले में साहिल के पिता ने शिकायत दर्ज करवाई जिसमें कहा गया कि साहिल के साथ पिछले तीन महीनों के दौरान जातिसूचक अपशब्दों के इस्तेमाल और उत्पीड़न हुआ है। 

पूरा मामला समझिए

रिपोर्ट्स के अनुसार, मिड सेमस्टर एग्जाम के दौरान साहिल को मोबाइल फोन में एआई का इस्तेमाल करके सवालों के जवाब ढूंढ़ते हुए पकड़ा गया। आरोप है कि वह सवाल की फोटो अपलोड कर चैटजीपीटी पर जवाब ढूंढ़ रहा था। साहिल को प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला ने ऐसा करते हुए पकड़ लिया। इसके बाद उसे एग्जाम हॉल से बाहर ले जाया गया और कुछ समय बाद उसे भेज दिया गया। इसके बाद साहिल ने आत्महत्या कर ली। IIT बॉम्बे ने बताया कि साहिल के खिलाफ कोई भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। हालांकि, साहिल के परिवार का आरोप है छात्रों ने उन्हें बताया कि साहिल को सस्पेंशन की धमकी दी गई थी। 

जातिगत भेदभाव का आरोप

इस मामले में साहिल के पिता रवींद्र वाकोड़े की शिकायत पर मुंबई पुलिस ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूल्ला और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। रवींद्र वाकोड़े ने शिकायत में कहा है कि पिछले तीन महीनों से प्रोफेसल डूल्ला, साहिल के साथ जातिगत भेदभाव कर रहे थे। उनके अनुसार, आईआईटी बॉम्बे के डायरेक्टर प्रोफेसर शिरीष बी. केदार के निर्देश पर यह भेदभाव किया जा रहा था। रवींद्र वाकोड़े ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर जातिवादी टिप्पणियां करते थे और घटना से पहले साहिल को गलत तरीके से फंसाने की धमकी दी गई थी।

 

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छात्रों का प्रदर्शन

इस घटना के विरोध में 20 सितंबर को देर रात सैकड़ों छात्र IIT बॉम्बे के मुख्य गेट पर इकट्ठे हो गए। डायरेक्टर शिरीष केदारे ने खुद मौके पर पहुंचकर करीब तीन घंटे तक छात्रों से बातचीत की। उन्होंने छात्रों से कहा था कि वह तय प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस्तीफा देंगे। डायरेक्टर ने छात्रों की 18 मांगों वाले डॉक्यूमेंट पर साइन भी किए थे। इसके बाद आज डायरेक्टर प्रो. शिरीष केदारे के इस्तीफे को लेकर भी सफाई दी। संस्थान ने सोमवार को बयान जारी कर बताया कि डायरेक्टर ने इस्तीफा नहीं दिया है। इस्तीफे के मुद्दे पर IIT बॉम्बे के बोर्ड की सोमवार को बैठक होनी है। इस पूरे मामले की अभी जांच जारी है और देशभर में इसको लेकर बहस हो रही है। 


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