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PM मोदी के सामने नहीं पकड़ा हाथ, ऑल्टमैन और डारियो अमोदेई के बीच विवाद क्या है?

सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोदेई के बीच मतभेद की झलक नई दिल्ली में आयोजित एआई समिट में दिखी। दोनों दिग्गजों ने हाथ तो उठाया, लेकिन एक-दूसरे का हाथ पकड़ने से परहेज किया।

New Delhi AI Summit 2026

एआई समिट की आधिकारिक फोटो सेशन। ( Photo Credit: Social Media)

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नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल है। पीएम मोदी के साथ फोटो सेशन के दौरान दुनियाभर के एआई दिग्गजों ने हाथ उठाया और एकजुटता का संदेश दिया। मगर ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने हाथ तो उठाया, लेकिन एक-दूसरे का हाथ नहीं पकड़ा। अब इसी फोटो की खूब चर्चा है। इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के क्षेत्र में कोल्ड वार के तौर पर देखा जा रहा है।

 

हालांकि यह कोई पहला मौका नहीं जब सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोदेई के बीच भिड़ंत देखने को मिली हो। दोनों पहले भी एक-दूसरे से भिड़ चुके हैं। असली लड़ाई एआई के क्षेत्र में प्रभुत्व और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की है। आइये जानते हैं कि दोनों के बीच विवाद क्या है?

 

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ऑल्टमैन के अधीन काम कर चुके डारियो

आज भले ही सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोदेई के बीच लड़ाई सार्वजनिक है, लेकिन एक समय वे सैम ऑल्टमैन के जूनियर थे। 2020 में डारियो अमोदेई ने ओपनएआई को छोड़ दिया था। अपनी बहन डेनिएला और ओपनएआई के कुछ अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर 2021 में एंथ्रोपिक की स्थापना की थी। डारियो अमोदेई का आरोप था कि ओपनएआई ने सुरक्षा की जगह व्यावसायीकरण को महत्व दिया। इसी कारण उन्होंने संस्थान छोड़ा था।

विज्ञापन के बहाने हो चुकी जंग

दोनों दिग्गजों के बीच अब एक नई जंग चर्चा में बने रहने की है। एंथ्रोपिक ने अमेरिका में अपना सुपर बाउल अभियान शुरू किया। इसमें ओपनएआई के विज्ञापन दिखाने वाले फैसले का खूब मजाक उड़ाया गया। जवाब में ऑल्टमैन ने कंपनी के कदम को तकनीक के लोकतंत्रीकरण बताया। उनका दावा है कि एआई को अरबों लोगों तक पहुंचना है। बहुत से लोग सब्सक्रिप्शन नहीं ले सकते हैं। विज्ञापन दिखाकर कंपनी उन लोगों तक मुफ्त में पहुंच सकेगी। ऑल्टमैन ने आरोप लगाया कि एंथ्रोपिक अमीर लोगों को महंगा उत्पाद बेचता है।

 

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कोडिंग एआई में भी आमने-सामने

क्लाउड कोड नाम से एन्थ्रोपिक का एक कोडिंग एआई है। इसे पिछले साल यानी 2025 में लॉन्च किया गया था। इसके जवाब में ओपनएआई ने खुद का कोडेक्स कोडिंग एआई लॉन्च किया। दोनों कंपनियां एआई से जुड़ी हैं। यही कारण है कि इनके सीईओ के बीच प्रतिस्पर्धा और बाजार हिस्सेदारी की जंग हमेशा छिड़ी रहती है।

 

 

 

एंटरप्राइज क्षेत्र में भी प्रतिस्पर्धा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ओपनएआई का मौजूदा वैल्यू 500 अरब डॉलर है। वहीं एंथ्रोपिक की वैल्यू 350 अरब डॉलर है। ओपनएआई को अपने रेवेन्यू का 60 फीसद हिस्सा यूजर्स से मिलता है। वहीं एंथ्रोपिक 85 फीसद तक कमाई एंटरप्राइज कस्टमर से करता है। वहीं ओपनएआई ने एंटरप्राइज एआई बाजार में भी एंथ्रोपिक को चुनौती देने की ठान ली है। इसी महीने 5 फरवरी को फ्रंटियर नाम का नया प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इसकी मदद से व्यवसायी खुद का एआई एजेंट बना सकेंगे। 

 

दोनों कंपनी के बीच बाजार पर अधिक से अधिक कब्जे की जंग है। इसकी झलक ऑल्टमैन के एक बयान में भी दिखती है। ऑल्टमैन ने कहा, 'टेक्सास में जितने लोग चैटजीपीटी फ्री में इस्तेमाल करते हैं। उसकी तुलना में अमेरिका में क्लाउड के यूजर्स कम है। इस कारण हमारी समस्या क्लाउड से अलग तरह की है।'

 

 

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