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30 साल पुराना, ब्लैक बॉक्स भी नहींं, झारखंड विमान हादसे में अब क्या पता चला?

झारखंड के रांची से दिल्ली की ओर उड़ान भरने वाला एयर एंबुलेंस विमान चतरा में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अब पता चला है कि प्लेन में ब्लैक बॉक्स नहीं था।

Aftermath of air ambulance crash

एयर एंबुलेंस क्रैश, Photo Credit: PTI

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झारखंड के चतरा में  सोमवार रात एक एयर एंबुलेंस क्रैश हो गई। इस हादसे में एंबुलेंस में सवार सभी 7 लोगों की जान चली गई। एंबुलेंस ने रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। इस हादसे के बाद हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही थी। जानकारों को उम्मीद थी कि ब्लैक बॉक्स से जांच में अहम चीजें सामने आएंगी लेकिन अब जानकारी मिल रही है कि इस विमान में ब्लैक बॉक्स था ही नहीं। ब्लैक बॉक्स के बिना विमान हादसे के कारणों का पता लगाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। 

 

सिविल एविएशन के नियमों के मुताबिक, 5,7 किलोग्राम से कम वजन वाले एयरक्राफ्ट के लिए कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) या फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) जरूरी नहीं हैं। इंडस्ट्री के एक एक्सपर्ट ने कहा, 'एक्सीडेंट की स्टडी एयर ट्रैफिक कंट्रोल से बातचीत, मलबे के एनालिसिस और चश्मदीदों के बयानों से करनी होगी।'

 

यह भी पढ़ें: झारखंड: चतरा में एयरएंबुलेंस क्रैश, कब, कैसे क्यों हुआ हादसा? हर सवाल का जवाब

क्या खराब मौसम था हादसे का कारण?

रांची एयरपोर्ट के डायरेक्टर विनोद कुमार ने मंगलवार को बताया कि खराब मौसम दुर्घटना का एक कारण हो सकता है लेकिन सटीक कारण का पता विस्तृत जांच के बाद ही लगाया जा सकेगा, क्योंकि जांच अब भी जारी है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि शाम 7 बजकर 11 मिनट पर जब विमान ने बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान भरी चब रांची के लिए कोई मौसम संबंधी चेतावनी जारी नहीं की गई थी। जब विमान उड़ान भरता है तो उस समय मौसम समेत हर एक स्थिति को ध्यान में रखा जाता है। 

खराब मौसम के कारण बदला रास्ता

जिस रूट से यह विमान रांची से दिल्ली जा रहा था उसी रूट पर पहले भी  विमान को खराब मौसम के कारण रास्ता बदलना पड़ा था। एयर इंडिया और इंडिगो की दो कमर्शियल  फ्लाइट्स को पहले भी इसी रूट पर खराब मौसम का सामना करना पड़ा था और उन्होंने इससे बचने के लिए रास्ता बदलने की मांग की थी। इंडिगो की फ्लाइट ने बाईं ओर जाने की मांग की थी, जबकि क्रैश हुए एयरक्राफ्ट ने दाईं ओर जाने की मांग की थी। इस बारे में बात करते हुए एक अधिकारी ने कहा, 'इस बात की जांच की जा रही है कि क्रैश हुए एयरक्राफ्ट का वेदर रडार ठीक से काम कर रहा था या नहीं।'जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि क्या क्रू ने रडार पर दिख रही स्थिति को गलत पढ़ा या फिर उनका इंस्ट्रुमेंट ही खराब था। 

कई साल पुराना था विमान

जो विमान दुर्घटना का शिकार हुआ है वह कई साल पुराना था। एक जानकार के अनुसार, आजकल 5,700 किलोग्राम से कम वजन के एयरक्राफ्ट भी FSR और CVR को सुरक्षा के लिए लगाते हैं लेकिन दुर्घनाग्रस्त विमान बहुत पुराना विमान था। उनके अनुसार, जांच टीम अब गवाहों के बयानों पर निर्भर है और उनके बयान इस जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं। 

 

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DGCA ने क्या कहा?

नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयर एम्बुलेंस विमान दुर्घटना पर दिए अपने बयान में कहा रांची से दिल्ली जा रहा विमान शाम 7 बजकर 34 मिनट  पर संपर्क टूटने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की एक टीम को मौके पर भेज दिया गया है। इस हादसे की अभी जांच चल रही है और दुर्घटना के कारणों के बारे में अभी आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी शेयर नहीं की गई। 

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