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'सबूत मिटा रहे हैं', बेटा हिट एंड रन केस का आरोपी, जज पिता पर एक और FIR

जज पर लापरवाही से गाड़ी चलाने और गैर इरादतन हत्या का केस पहले ही दर्ज हो चुका है। अब सबूत नष्ट करने के भी आरोप लगे हैं।

घटनास्थल पर मौजूद जज की कार। Photo Credit: Scocial Media

घटनास्थल पर मौजूद जज की कार। Photo Credit: Scocial Media

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केरल में एक जज के 17 साल के नाबालिग बेटे पर लग्जरी कार से एक राइडर को कुचलने के आरोप लगे हैं। इस केस में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज की मुश्किलें और बढ़ती चली जा रही हैं। अब उन पर नए सिरे से एक दर्ज हुआ है। आरोप है कि वह इस केस में सबूतों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने सोमवार को यह दावा किया है। 

जज पर पहले गैर इरादतन हत्या और लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप लगे हैं। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत उन पर बड़ी गाज गिर रही है। अब वह नई आफत में फंसते नजर आ रहे हैं। चेरानल्लूर पुलिस से पीड़ित जयबालाकृष्णन ने कहा है कि नाबालिग के पिता दुर्घनास्थल पर साक्ष्य हटाने के लिए टहलते नजर आ रहे हैं। 

पुलिस ने क्या कहा है?

शिकायकर्ता ने यह भी कहा है कि जज चेरानल्लोर पुलिस के पास पहुंचे और एक फोटोग्राफ मिटाने के लिए दबाव बनाया, जिसमें उनके बेटे की एक तस्वीर पीड़ित परिवार के एक सदस्य नजर आई थी। पुलिस ने इन आरोपों पर अभी तक कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है।

कोच्चि सिटी के पुलिस कमिश्नर एन निशांतिनी ने यह कहा है कि उन्हें ऐसी शिकायत मिली है। पुलिस ने कहा है कि जज के खिलाफ शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया है। जज पर साक्ष्यों को को प्रभावित करने के आरोप हैं।

पुलिस कमिश्नर एन निशांतिनी ने कहा, 'मैंने पीड़ित परिवार से बात की है। मैंने उन्हें भरोसा दिलाया है कि उन्हें परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री ने भी उनसे बात की है।'

अब तक क्या पता चला है?

रिपोर्ट में दावा किया है यह कार 2012 मॉडल की है। यह जज की आधिकारिक कार थी। नाबालिग को हादसे के बाद तत्काल पकड़ लिया गया था। उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया था। उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया है। जज को गिरफ्तारी के खिलाफ अग्रिम जमानत मिल गई थी। उन्होंने हाई कोर्ट से कहा कि हादसे के वक्त वह सो रहे थे, उन्हें नहीं पता था कि उनका बेटा कार लेकर गया है।

पीड़ित परिवार ने क्या कहा है?

कोर्ट के आदेश के बाद मृतक की भतीजी जयालक्ष्मी ने पत्रकारों से कहा कि आरोपी जज खुद को बचाने के लिए हर कोशिश कर रहे हैं। यह अन्याय है। हमें खेद है कि हमें न्याय नहीं मिल पा रहा है। बुधवार को जज के कई घंटे तक पूछताछ हुई थी। गुरुवार को भी उनसे पूछताछ हुई है। अलुवा पुलिस क्लब में एक बार फिर उनसे पूछताछ हो सकती है। पुलिस ने भी स्पेशल कोर्ट का रुख किया है। पुलिस चाहती है कि नाबालिग की रिहाई रद्द हो। केस की जांच एर्नाकुलम जिले की क्राइम ब्रांच कर रही है।

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