घरों में पाइप से आने वाली नेचुरल गैस (PNG) इस्तेमाल करने वाले 6,000 लोगों ने शनिवार तक अपनी एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दी हैं। यह जानकारी रविवार को पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल ने दी।
नीरज मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, '6000 PNG उपभोक्ताओं ने कल तक अपनी LPG सरेंडर कर दी! उनको बहुत-बहुत धन्यवाद!!' उन्होंने आगे कहा कि जो लोग PNG इस्तेमाल कर रहे हैं, वे अपना LPG कनेक्शन छोड़ दें। इससे उन लोगों को LPG मिल सकेगी जिनके पास PNG नहीं है।
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कहा- पूरी सप्लाई दी जा रही
मित्तल ने लिखा कि जो लोग LPG छोड़ रहे हैं, वे दूसरों की मदद कर रहे हैं। आज ही अपनी LPG छोड़ दें।' सरकार ने बताया कि गैस की सप्लाई घरों और ट्रांसपोर्ट के लिए पहले रखी जा रही है। PNG और CNG को पूरी सप्लाई दी जा रही है। उद्योगों और व्यापारिक जगहों को औसतन 80 प्रतिशत गैस मिल रही है।
खाद बनाने वाली फैक्टरियों को 70-75 प्रतिशत क्षमता पर गैस दी जा रही है। सरकार अतिरिक्त LNG (तरल नेचुरल गैस) खरीद रही है ताकि सप्लाई बनी रहे।
सरकार कर रही कोशिश
सरकार शहरों में गैस पाइपलाइन नेटवर्क को तेजी से बढ़ा रही है। मंजूरी की प्रक्रिया आसान की जा रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग LPG से PNG पर आ सकें। मार्च महीने में ही 2 लाख 90 हजार से ज्यादा नए PNG कनेक्शन दिए गए।
इंद्रप्रस्थ गैस, महानगर गैस, गेल गैस और BPCL जैसी कंपनियां PNG अपनाने के लिए छूट और सुविधाएं दे रही हैं।
LPG पर क्या असर पड़ा?
पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक हालात की वजह से LPG की सप्लाई पर कुछ असर पड़ा है लेकिन अभी कोई कमी नहीं है। रोजाना 55 लाख से ज्यादा LPG सिलेंडर रिफिल हो रहे हैं।
व्यापारिक LPG सप्लाई को धीरे-धीरे बढ़ाकर पहले के स्तर का 70 प्रतिशत कर दिया गया है। होटल, खाने की दुकानों और जरूरी उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है।
सरकार ने राज्यों को केरोसिन ज्यादा देने का फैसला किया है। कालाबाजारी और होर्डिंग रोकने के लिए 2,900 से ज्यादा छापे मारे गए और करीब 1,000 सिलेंडर जब्त किए गए।
LPG मिलना बंद हो सकता है
सरकार ने कुछ दिन पहले कहा था कि जिन इलाकों में PNG उपलब्ध है, वहां के लोग अगर तीन महीने में PNG कनेक्शन नहीं लेते, तो उनकी LPG सप्लाई बंद की जा सकती है। अगर PNG को दे पाने में कोई तकनीकी समस्या है तो उससे छूट मिलेगी।
यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि LPG आयात पर निर्भरता कम करने और पाइप गैस को बढ़ावा देने की जरूरत है। करीब 60 लाख घरेलू और व्यापारिक उपभोक्ता इस बदलाव के लिए योग्य हैं। हाल के दिनों में 2.2 लाख लोग पहले ही LPG से PNG पर आ चुके हैं।
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सरकार का लक्ष्य है कि 2032 तक 12.6 करोड़ PNG कनेक्शन दिए जाएं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। LPG की कोई कमी नहीं है और रिफिल की सामान्य समय सीमा बनी हुई है।