हाल ही में भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने कहा था कि बीते कुछ समय में अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के बीच टकराव हुआ है। उनके इस बयान के बाद कई वीडियो सामने आए हैं जिनमें दावा किया जा रहा है कि ऐसे टकराव आज भी रहे हैं। ऐसे दावों के बीच कई फर्जी दावे, फर्जी फोटो और फर्जी वीडियो भी शेयर किए जा रहे हैं। ऐसा ही एक वीडियो लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया के नाम से शेयर हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि इस वीडियो में गिरीश कालिया कह रहे हैं कि अरुणाचल प्रदेश में तीन जगहों पर चीन का कब्जा हो गया है। अब इंडियन आर्मी ने बताया है कि जिस वीडियो को एडिट करके यह फर्जी वीडियो बनाया गया है कि वह 2023 का है। आर्मी ने साफ कहा है कि लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया ने ऐसा कोई बयान कभी नहीं दिया है।
सेना ने इस वीडियो का फैक्ट चेक करके हुए कहा है कि इसके जरिए गलत बयान को प्रचारित करने की कोशिश की जा रही है। सेना ने अपील की है कि लोग किसी भी वीडियो को शेयर करने से पहले असली भाषण को देख लें। आर्मी ने इसे गलत जानकारी फैलाने का पैटर्न बताया है। आर्मी से मुताबिक, पुरानी ब्रीफिंग, डिजिटली मैनिपुलेटेड बयान, फर्जी जिक्र और फर्जी दावों के सहारे इस तरह की कोशिशें हो रही हैं।
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वायरल वीडियो में क्या है?
डीपफेक का इस्तेमाल करके एडिट किए गए इस वीडियो में यह दिखाया गया है कि लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया एक बयान दे रहे हैं। इस फर्जी वीडियो में गिरीश कालिया को यह कहते हुए दिखाया गया है, 'यह बहुत शर्मना है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के अस्फिला, लोंगजू और ताक्सिंग सर्कल पर कब्जा कर लिया है। हम केंद्र सरकार से सप्लाई के लिए मांग कर रहे हैं लेकिन हमें कहा गया है कि पैरामिलिट्री फोर्सेज को चीन के खिलाफ लगाने के बजाय अरुणाचल प्रदेश के जेनजी के खिलाफ इस्तेमाल किया जाएगा। हमारी सरकार जवानों को क्या संदेश दे रही है?'
असलियत क्या है?
आर्मी ने गिरीश कालिया का असली वीडियो भी पोस्ट किया है। यह वीडियो ANI के X हैंडल पर 27 अक्तूबर 2023 को पोस्ट किया गया था। इसमें लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया आर्मी की 28 इनफैन्ट्री डिवीजन के GoC की हैसियत से बयान दे रहे थे। तब वह मेजर जनरल रैंक पर थे।
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इस वीडियो में वह जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को रोकने की दिशा में किए गए प्रयासों का जिक्र कर रहे थे। इस वीडियो में कहीं पर भी चीन का जिक्र ही नहीं है। साथ ही, इसमें अरुणाचल प्रदेश की भी किसी जगह का नाम नहीं लिया गया है। इससे यह स्पष्ट है कि यह वीडियो फर्जी तरीके से बनाया गया है।