logo

मूड

ट्रेंडिंग:

बेटी से छेड़छाड़: कुवैत से आंध्र पहुंचकर शख्स ने रिश्तेदार को मार डाला

आंजनेय और उसकी पत्नी चंद्रकला कुवैत में नौकरी करते हैं। जबकि उनकी 12 साल की बेटी अपने दादा-दादी के साथ रहती थी। बाद में लड़की अपनी मौसी-मौसा के साथ रहने लगी।

crime news

प्रतीकात्मक तस्वीर। SOurce- Freepik

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

आंध्र प्रदेश में एक हैरान करने वाली घटना घटी है। यहां कुवैत से आंध्र प्रदेश पहुंचे एक शख्स ने बेटी का यौन शोषण करने वाले रिश्तेदार की हत्या कर दी है। दरअसल, 35 साल का प्रवासी श्रमिक आंजनेय प्रसाद कुवैत में नौकरी करता है। वह रिश्तेदार द्वारा अपनी नाबालिग बेटी का यौन शोषण करने को लेकर शुब्ध था।

राजमपेट के पुलिस अधिकारी एन सुधाकर के मुताबिक, आंजनेय प्रसाद हाल ही में कुवैत से लौटा था। उसने बेटी का यौन शोषण करने वाले शारीरिक रूप से विकलांग अपने 59 साल के रिश्तेदार पी अंजनेयुलु की लोहे की रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, आंजनेय प्रसाद दिसंबर के शरुआत में ही स्वदेश भारत आया था और 6-7 दिसंबर की रात को उसने घर के बाहर सो रहे अंजनेयुलु की हत्या कर दी। 

हत्या के बाद प्रसाद कुवैत लौट गया

घटना आंध्र प्रदेश के अन्नामय्या जिले के ओबुलवारीपल्ली में हुई है। पुलिस ने बताया कि हत्या के बाद प्रसाद कुवैत लौट गया है लेकिन उसने अपराध स्वीकार करते हुए एक वीडियो संदेश जारी किया। वीडियो में उसने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उसकी बेटी की शिकायत पर कार्रवाई नहीं की।

प्रसाद के खिलाफ हत्या का केस दर्ज

इस बीच पुलिस ने आंजनेय प्रसाद के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। आंजनेय और उसकी पत्नी चंद्रकला कुवैत में नौकरी करते हैं। जबकि उनकी 12 साल की बेटी अपने दादा-दादी के साथ रहती थी। बाद में लड़की अपनी मौसी-मौसा के साथ रहने लगी।

मौसी के ससुर ने छेड़छाड़ की

मौका पाकर नाबालिग लड़की की मौसी के ससुर ने सोते समय उसके पर छेड़छाड़ की। जब युवती ने अपनी मौसी को यौन शोषण के बारे में बताया तो उसने चुप रहने की हिदायत दी। आंजनेय ने बताया है कि नाबालिग की मौसी लक्ष्मी ने उन्हें अचानक फोन करके कहा कि वे अपनी बेटी को अपने घर ले जाएं। इसके बाद युवती कुवैत चली गई, जिसके बाद उसने माता-पिता को यौन शोषण के बारे में बताया। 

पुलिस ने नहीं की कार्रवाई

 

आंजनेय ने बताया है कि पुलिस में शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई और छेड़छाड़ करने वाले को सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। असहाय महसूस करते हुए आंजनेय ने कानून अपने हाथों में लेने का फैसला किया।

 


और पढ़ें