logo

मूड

ट्रेंडिंग:

6 नगा लोगों की हत्या के बाद कुकी संगठन ने मांगी मांफी, कब थमेगी मणिपुर की आग?

मणिपुर में छह नगा बंधकों की हत्या को लेकर कुकी समुदाय ने गुरुवार को नगा समुदाय से मांफी मांग ली है।

Manipur Kuki apologize

कुकी संगठन ने माफी मांगी। Photo Credit- PTI

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

मणिपुर जातीय हिंसा जब-जब रोकने की बात होती है, तभी कोई ना कोई बड़ी घटना घट जाती है, जिससे फिर से हिंसा भड़क उठती है। 13 मई में नगा समुदाय के 6 लोगों का अपहरण के बाद हत्या हो गई थी। इन हत्याओं का आरोप कुकी समुदाय पर लगा। अब एक महीनें बाद छह नगा बंधकों की हत्या को लेकर कुकी समुदाय ने नगा समुदाय से मांफी मांग ली है।

 

मामले पर खेद जताते हुए 'कुकी जो काउंसिल' के अध्यक्ष हेनलिएनथांग थांगलेट ने गुरुवार को इस घटना के लिए माफी मांगी और मणिपुर में जारी जातीय संघर्ष से जुड़ी हिंसा की सभी घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया।

 

यह भी पढ़ें: 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा, फीस में बंपर बढ़ोतरी

'कुकी-जो समुदाय ने एक गंभीर गलती की'

चुराचांदपुर जिला मुख्यालय में मीडिया के सामने थांगलेट ने कहा, 'मैं स्वीकार करता हूं कि छह नगा नागरिकों की हत्या करके कुकी-जो समुदाय के लोगों ने एक गंभीर गलती की। यह भावुकता में आकर किया गया था। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। मुझे इसका बहुत खेद है और मैं अपने समुदाय की ओर से माफी मांगता हूं।'

आगजनी-हिंसा की सभी घटनाओं की निष्पक्ष जांच

वहीं, कुकी जो काउंसिल के प्रवक्ता गिन्जा वुअलजोंग ने भी नगा बंधकों की हत्या, 14 कुकी नागरिकों की मौत और कुकी गांवों में आगजनी सहित हिंसा की सभी घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया।

 

यह भी पढ़ें: 'इमरजेंसी के बारे में नई पीढ़ी भी जाने, NCERT ने सही किया'- धर्मेंद्र प्रधान

 

मणिपुर के कांगपोकपी जिले के लीलोन वैफेई गांव से 13 मई को छह लोगों को बंधक बना लिया गया था। उनके शव 10 जून को एक कुकी-जो गांव के पास से बरामद किए गए थे। कुकी संगठनों ने दावा किया है कि इस साल फरवरी में कुकी और नगा समुदायों के बीच झड़पें शुरू होने के बाद उनके समुदाय के 14 सदस्य मारे गए और कई घर जला दिए गए।

 


और पढ़ें