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अभिजीत दिपके से नाराज होकर बनाई CJP-D, बोले 'केजरीवाल के इशारे पर काम कर रहे'

कॉकरोच जनता पार्टी में फूट पड़ गई है और मनीष ब्रह्मभट्ट ने अभिजीत दिपके से अलग होकर कॉकरोच जनता पार्टी डेमोक्रेटिक की स्थापना की है।

 Founder CJP- Democratic, Manish Brahmbhatt

मनीष ब्रह्मभट्ट, Photo Credit: Social Media

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कॉकरोच जनता पार्टी की स्थापना के कुछ ही दिन बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी ने बड़ा आंदोलन खड़ा कर दिया था। पार्टी को इस आंदोलन में सफलता भी मिली और देशभर से समर्थन भी। पार्टी ने अभी स्कूल ठीक करो अभियान शुरू किया है। इस बीच पार्टी से अलग होकर एक गुट ने नई पार्टी बना ली है। इस नई पार्टी का नाम कॉकरोच जनता पार्टी डेमोक्रेटिक रखा गया है। यह पार्टी जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ता मनीष ब्रह्मभट्ट ने बनाई है और उन्होंने सीजेपी पर कई आरोप भी लगाए हैं। 

 

 मनीष ब्रह्मभट्ट ने आरोप लगया कि सीजेपी का आंदोलन बाद में राजनीतिक प्रभाव में आ गया और इसकी कमान कुछ चुनिंदा लोगों के हाथों में चली गई। उन्होंने कहा, ' प्रोटेस्ट के बाद किसी भी वॉलंटियर या प्रदर्शनकारी से सलाह-मशविरा नहीं किया गया। CJP कमेटी में 8 ऐसे लोग हैं, जो AAP से जुड़े हैं। इनमें उनके दोस्त और गर्लफ्रेंड भी शामिल हैं।'

 

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CJP-D बनाने की जरूरत क्यों पड़ी?

मनीष ब्रह्मभट्ट ने नए संगठन की घोषणा करते हुए कहा कि जिस आंदोलन को लोगों ने अपने खून-पसीने से खड़ा किया, उसकी सफलता के बाद उसे राजनीतिक रूप दिया जाने लगा। उनका आरोप है कि मूल आंदोलन का स्वरूप धीरे-धीरे बदल गया और अब वह एक व्यक्ति या कुछ नेताओं के इर्द-गिर्द केंद्रित हो गया है। उनके मुताबिक, सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम के जरिए जुड़े लोगों से भी टीम के गठन के लिए कोई राय या सुझाव नहीं मांगा गया।

केजरीवाल से जुड़े होने का आरोप लगाया

मनीष ब्रह्मभट्ट ने मूल CJP के नेतृत्व पर सबसे बड़ा आरोप लगाते हुए इसे टीम केजरीवाल कहा। उन्होंने दावा किया कि अभिजीत दिपके और उनके साथियों ने बिना व्यापक स्तर पर स्वयंसेवकों से चर्चा किए 12 सदस्यीय टीम तैयार कर दी। उनका आरोप है कि इस टीम को बनाने के पीछे का आइडिया भी अरविंद केजरीवाल ने ही उन्हें दिया था। उन्होंने अरविंद केजरीवाल को धोखेबाज बताया और सीजीपे का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। 

 

उन्होंने कहा, 'केजरीवाल लोगों के आंदोलनों का समर्थन करने का दिखावा करने के बाद धोखा देने के लिए जाने जाते हैं। केजरीवाल ने सत्ता पाने के लिए मुसलमानों, सनातनियों और सभी वोट बैंकों का इस्तेमाल किया है।' मनीष ब्रह्मभट्ट ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी से निकलर आए लोगों को ही सीजेपी की कोर टीम में शामिल किया है। 

 

अभिजीक दिपके पर लगाए आरोप

मनीष ब्रह्मभट्ट ने अभिजीत दिपके पर आरोप लगाते हुए कहा, 'हम चाहते थे कि यह एक राष्ट्रीय टीम हो, जिसमें हर राज्य से पांच लोग हों और उन क्षेत्रों से प्रदर्शनकारियों और वॉलंटियर्स को चुना जाए। हमने इच्छा जताई थी कि चयन प्रक्रिया 'हाई कमांड' या किसी मनमाने अधिकारी के इशारे पर न हो लेकिन उन्होंने इस इच्छा को ठुकरा दिया और मनमाने ढंग से टीम बना ली। इस टीम को बनाने का विचार भी अरविंद केजरीवाल का ही था क्योंकि वे शुरू से ही धोखेबाज रहे हैं।' मनीष ब्रह्मभट्ट ने अपनी पार्टी के साथ जु़ड़ने के लिए लोगों से अपील की है। 

 

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CJP कैसे चर्चा में आई?

कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत एक राजनीतिक व्यंग्य के तौर पर चीफ जस्टिस की टिप्पणी के बाद हुई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर पेज बनाया और इसको जनता का बहुत ज्यादा समर्थन मिला और नीट पेपर लीक के खिलाफ पार्टी ने आंदोलन किया। इस आंदोलन के चलते शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था। 


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