देश के कई राज्यों में तेज बारिश हो रही है। अगले एक सप्ताह तक बारिश जारी रह सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 6-7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून सक्रिय रहेगा। इस दौरान कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि पश्चिम-मध्य और दक्षिण भारत में बारिश कम रहेगी।
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 19 जुलाई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में तेज बारिश हो सकती है। 19 और 20 जुलाई को उत्तराखंड में तेज बारिश हो सकती है। 20 और 21 जुलाई को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर तेज बारिश हो सकती है।
यह भी पढ़ें: यूरोप में गर्मी से 10 हजार से ज्यादा लोगों की मौत? बुजर्गों पर दिखा ज्यादा असर
किन राज्यों में होगी तेज बारिश?
पिछले 24 घंटों में छत्तीसगढ़ और मेघालय में सबसे ज्यादा बारिश, 21 सेंटीमीटर से ज्यादा दर्ज की गई। पंजाब, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। हिमाचल, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गुजरात, कोंकण-गोवा, ओडिशा, बिहार और केरल समेत कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई है।
उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में 19 से 24 जुलाई के बीच भारी बारिश के साथ 20 और 21 जुलाई को कुछ जगहों पर बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ और राजस्थान में भी कई दिनों तक बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
और किन राज्यों में बारिश के आसार हैं?
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और ओडिशा में अगले कई दिनों तक व्यापक बारिश होने वाली है। 19 जुलाई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ जगहों पर बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश संभव है।
यह भी पढ़ें: '10 करोड़ लोग चपेट में', अमेरिका में प्रचंड गर्मी की वजह क्या है?
दिल्ली-NCR का हाल क्या है?
दिल्ली में अगले 4 दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। 19 जुलाई को हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। 20 और 21 जुलाई को कई जगहों पर मध्यम बारिश हो सकती है। तापमान 32 और 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है।
मौसम विभाग की चेतावनी क्या है?
भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव हो सकती है। ट्रैफिक बाधित हो सकता है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और नदियों में बाढ़ का खतरा है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।