केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान के 'शाहजाद भट्टी नेटवर्क' के खिलाफ बड़ा कदम उठाया। उसे 'गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम' के तहत आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। यह गिरोह युवाओं और छोटे-मोटे अपराधियों को आतंकवाद की ओर उकसाने में लगा था। इसके अलावा सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की तस्करी में भी संलिप्त है। मंत्रालय ने कहा कि भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और सांप्रदायिक सद्भाव को निशाना बनाते हुए यह सिंडिकेट नफरत फैलाने वाला डिजिटल कंटेंट भी प्रकाशित करता है।
हथियार और नशा तस्करी में सक्रिय
पाकिस्तान का शहजाद भट्टी गिरोह पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में शामिल था। वह कई वर्षों से हथियार और नशे की खेप की तस्करी में लगा था। माना जाता है कि गैंग के पीछे पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ है। यह गिरोह हाइब्रिड आतंकवाद का पर्याय बन चुका था।
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दुबई से चलाता है पूरा गिरोह
शहजाद भट्टी पाकिस्तान का एक नामी अपराधी है। मौजूदा समय में वह दुबई से अपना गिरोह चलाता है। मूलरूप से लाहौर का रहने वाला है। भारत की एजेंसियों को कई मामलों में उसकी तलाश है। आईएसआई के इशारे पर भट्टी भारत में हथियार-गोला-बारूद और मादक पदार्थों की तस्करी का सिंडिकेट चलाता है। बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शहजाद भट्टी नेटवर्क को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया।
मूसेवाला और बाबा सिद्दीकी मर्डर से कनेक्शन
पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में हथियारों की खेप भट्टी ने ही पहुंचाई थी। सोशल मीडिया पर उसका गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से वीडियो कॉल करते एक वीडियो भी आया था। हालांकि बाद में दोनों गिरोह में दुश्मन हो गई। महाराष्ट्र के चर्चित बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के मास्टरमाइंड जीशान अख्तर को भारत से भागने और अजरबैजान में ठहराने में इसी गैंग ने मदद की थी।
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ग्रेनेड अटैक और धमाकों में भी रहा शामिल
भट्टी गिरोह का नाम अंबाला के बलदेव नगर थाने, जालंधर बीएसएफ मुख्यालय और अमृतसर कैंट धमाके में आया। इसके अलावा उसने जालंधर के यूट्यूबर रोजर संधू के आवास पर हुए ग्रेनेड हमले की भी जिम्मेदारी ली थी। उसके नेटवर्क का सबसे खतरनाक पहलू यह था कि वह भारत के बेरोजगार युवाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से अपने नेटवर्क से जोड़ता था। रेकी और टारगेट हमले के बदले पैसे का लालच देता था।