प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने लोकसभा सचिवालय को पीएम केयर्स फंड (PM Cares Fund) को लेकर निर्देश दिए हैं। निर्देश में कहा गया है कि पीएम केयर्स फंड, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष और राष्ट्रीय रक्षा कोष से जुड़ा कोई भी सवाल या मामला लोकसभा में नहीं उठाया जा सकता। केंद्र की मोदी सरकार के इस फैसले को लेकर देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस कड़ा रुख अपनाया है। इसको लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बीजेपी और मोदी सरकार को घेरा है। दरअसल, इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक पीएमओ ने 30 जनवरी को लोकसभा सचिवालय को यह जानकारी दी थी। पीएमओ ने कहा है कि यह तीनों ही फंड पूरी तरह से लोगों के स्वैच्छिक दान से बने हैं। इनमें भारत सरकार के कंसॉलिडेटेड फंड ऑफ इंडिया से कोई पैसा नहीं डाला जाता, इसलिए ये फंड सरकार के सीधे नियंत्रण या जिम्मेदारी में नहीं आते।
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कांग्रेस का सरकार पर सीधा हमला
यह खबर सामने आने के बाद कांग्रेस ने कहा है कि ये सीधे तौर पर तानाशाही है। संसद का अपमान है और सांसदों के अधिकारों पर हमला है। पार्टी ने कहा कि PMO ने लोकसभा सचिवालय से कहा है- इस बात का खास ध्यान रखा जाए कि संसद में कोई भी सदस्य इन फंड्स पर सवाल न उठाए। ऐसे में कांग्रेस ने इसको लेकर सरकार से चार सवाल भी पूछे हैं।
- संसद जनता के प्रतिनिधि हैं, उन्हें जनहित के सवाल पूछने से क्यों रोका जा रहा है?
- मोदी सरकार जनता के लाखों-करोड़ रुपये का हिसाब क्यों नहीं देना चाहती?
- आखिर मोदी सरकार देश की जनता से क्या छिपाना चाह रही है?
- क्या अब देश की संसद नरेंद्र मोदी की मनमर्जी से चलेगी?
'इस तरह से आप संसद चलाएंगे'
वहीं, कांग्रेस की सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की अध्यक्ष सुप्रिया श्रानेत ने कहा कि क्या प्रधानमंत्री कार्यालय यह तय करेगा कि संसद किस तीज पर सवाल पूछ सकती है या नहीं? सरकार ने पहले इसे RTI एक्ट से बाहर किया और कहा कि हम इसपर कोई जवाब नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि पीएम केयर्स फंड में भारत के लोग और सरकारी कंपनियां पैसा डालती हैं... ऐसे में इसकी जवाबदेही कैसे नहीं है?
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सुप्रिया श्रानेत ने आगे कहा, सरकार आरटीआई को खत्म करने के बाद अब एक नया स्वांग रच रही है। लोकतंत्र में क्या इस तरह की गुप्त और गोपनीय चीजें हो सकती हैं? क्या इस देश की संसद को जानने का अधिकार नहीं है कि पीएम केयर्स फंड का खर्चा कहां और कैसे खर्च किया जा रहा है। इस तरह से आप संसद चलाएंगे...