ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा के एक कथित वीडियो को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस वीडियो में नेहा बोरा कथित तौर पर ब्राह्मणवादी व्यवस्था, मंदिरों और पुजारियों को लेकर विवादित टिप्पणियां करती सुनाई दे रही हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कड़ा रुख अपनाते हुए कांग्रेस और लोकसभा सांसद
राहुल गांधी
पर सीधा निशाना साधा है। इस कथित वीडियो में नेहा बोरा ने कहा है कि ब्राह्मण लड़कियां सुरक्षित नहीं है। मंदिरों में रेप की घटना होती है जिसका सबसे बड़ा उदाहरण उन्नाव और कठुआ है।
आगे उन्होंने कहा कि समाज को ब्राह्मणवादी व्यवस्था से ही सुरक्षा की जरूरत है। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इस वीडियो को शेयर करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस और उससे जुड़े नेता हिंदुओं के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं।
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क्या है वायरल वीडियो का मामला?
सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो में छात्र नेता नेहा बोरा यह कहते हुए सुनी जा सकती हैं कि समाज में सुरक्षा की जरूरत ब्राह्मणवादी व्यवस्था से ही है। वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था के कारण महिलाएं असुरक्षित हैं और कठुआ तथा उन्नाव जैसी घटनाएं इसका उदाहरण हैं। उन्होंने कहा, 'महिलाओं को ब्राह्मण वादी व्यवस्था से ही सुरक्षा की जरूरत है। यह वही ब्राह्मण वादी व्यवस्था है जिसके तहत महिलाएं असुरक्षित है उनके साथ गलत होता है। मंदिरों में महिलाओं के साथ गलत होता है। इसका बहुत बड़ा उदाहरण उन्नाव और कठुआ की घटना है।'
प्रदीप भंडारी ने किया पलटवार
नेहा बोरा को राहुल गांधी की 'पोस्टर गर्ल' बताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि यह बयान हिंदुओं के प्रति नफरत को उजागर करता है। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, 'राहुल गांधी की पोस्टर गर्ल नेहा बोरा ने दिखाई हिंदू नफरत! कहा- 'मंदिर में पुजारियों ने किया रेप'। वह राहुल गांधी से प्रेरित हैं जिन्होंने पहले कहा था, 'मंदिरों में लड़कियों के साथ छेड़-छाड़ होती है'। कांग्रेस को हिंदुओं से नफरत है, वोट बैंक से प्यार है! कांग्रेस सोच भारत की एकता के लिए खतरा है!'
बांग्लादेश आंदोलन से की थी तुलना
नेहा बोरा का यह पहला विवादित बयान नहीं है। इससे पहले अक्टूबर के मध्य में भी उनका एक वीडियो चर्चा में आया था जिसमें उन्होंने बांग्लादेश में हुए छात्र आंदोलन की तारीफ की थी। उस समय उन्होंने कहा था कि बांग्लादेश के युवाओं ने लोकतंत्र, वोटिंग अधिकारों और धार्मिक कट्टरता के खिलाफ जो लड़ाई लड़ी, वही जंग आज भारत का युवा भी लड़ रहा है। उन्होंने बांग्लादेश के आंदोलन को भारतीय युवाओं के लिए एक मिसाल के तौर पर पेश किया था। बीजेपी ने उस बयान पर भी कड़ा विरोध दर्ज कराया था। बीजेपी नेताओं का आरोप था कि इस तरह की बातें देश में लोकतांत्रिक विरोध के नाम पर अराजकता फैलाने और तख्तापलट जैसी स्थिति बनाने की सोच को दर्शाती हैं।