logo

ट्रेंडिंग:

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ विपक्ष ने पेश किया अविश्वास प्रस्ताव, क्या बोले बिरला?

कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। यह प्रस्ताव 94(सी) के तहत लाया गया है।

news image

ओम बिरला । Photo Credit: PTI

शेयर करें

संबंधित खबरें

Advertisement
Group2

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ मगंलवार विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर ओम बिरला ने जवाब दिया है। उन्होंने लोकसभा सचिवालय को कहा है कि नोटिस की जांच करें और प्रक्रिया को तेजी से पूरी करें।

 

इस प्रस्ताव में विपक्ष के 118 सदस्यों का साइन था और इसे कांग्रेस नेता के सुरेश, गौरव गोगोई और मोहम्मद जावेद ने सबमिट किया था। बिरला ने अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने एक घंटे बाद से ही जवाब दे दिया था।

 

यह भी पढ़ेंः PM केयर फंड पर सांसद नहीं पूछ पाएंगे संसद में सवाल? आग बबूला हुई कांग्रेस

विपक्ष ने दिया था नोटिस

दरअसल, विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए प्रस्ताव का नोटिस दिया है। यह कदम संसद में लगातार हो रहे हंगामे के बीच उठाया गया है। विपक्ष ने लोकसभा महासचिव को 118 सांसदों के हस्ताक्षर वाला अविश्वास प्रस्ताव (नो-कॉन्फिडेंस मोशन) सौंप दिया है। यह नोटिस कांग्रेस के नेता के. सुरेश और गौरव गोगोई ने दिया। हस्ताक्षर प्रस्ताव में टीएमसी शामिल नहीं है।

 

यह प्रस्ताव संविधान के अनुच्छेद 94(सी) के तहत लाया गया है। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही में खुलेआम पक्षपात किया है। विपक्ष के नेताओं को बार-बार बोलने नहीं दिया गया, जो लोकतंत्र का बुनियादी अधिकार है।

कई दिनों से हंगामा

प्रस्ताव में हाल की कुछ घटनाओं का जिक्र है। जैसे- राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की बहस में पूरा भाषण नहीं देने दिया गया। साथ ही 8 विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया गया।

 

लोकसभा में कई दिनों से हंगामा चल रहा है। सदन बार-बार स्थगित हो रहा है। इससे पहले स्पीकर ओम बिरला ने सरकार और विपक्ष के बड़े नेताओं से मुलाकात की थी। इसमें राहुल गांधी, अभिषेक बनर्जी, अखिलेश यादव और टीआर बालू शामिल थे। उसी दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी स्पीकर से मुलाकात की।

क्या हैं मांगें?

विपक्ष की मुख्य मांगें हैं- लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने दिया जाए और 8 निलंबित सांसदों पर फैसला बदला जाए। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने पहले ही स्पीकर पर आरोप लगाया था कि वे विपक्ष को दबा रहे हैं और महत्वपूर्ण मुद्दों पर बोलने नहीं दे रहे।

नरवणे कि किताब पर हुई थी बहस

यह हंगामा पिछले हफ्ते शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे (रिटायर्ड) की एक अप्रकाशित किताब के कुछ हिस्सों का जिक्र किया, जो भारत-चीन संबंधों पर थी। इसके बाद सदन में इतना हंगामा हुआ कि 22 साल में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस में जवाब देने नहीं आ सके। बहस को वॉइस वोट से पास कर दिया गया।

 

यह भी पढ़ें: टैरिफ 0% होता तो T20 मैच जीत जाता अमेरिका? पीयूष गोयल की US को गुगली

नहीं पहुंचे थे पीएम

उस दिन स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि उन्हें विश्वसनीय जानकारी है कि कई कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री की कुर्सी के पास पहुंचकर कुछ अनहोनी कर सकते हैं। विपक्ष ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। लेकिन लोकसभा के एक अधिकारी ने कहा कि कार्यवाही शुरू होते ही सदन का माहौल बहुत खराब हो गया, जिससे सुरक्षा, शिष्टाचार और संसद की गरिमा पर गंभीर सवाल उठे हैं।

 

विपक्ष भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा की मांग कर रहा है, लेकिन उनका आरोप है कि सरकार इस पर बहस नहीं होने दे रही।

Related Topic:#Lok Sabha

और पढ़ें

design

हमारे बारे में

श्रेणियाँ

Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies

CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap