सैलरी बढ़ी फिर भी प्रदर्शन, अब किस मांग पर अड़े हैं प्रदर्शनकारी?
नोएडा में सोमवार को हिंसक प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी संपत्ति और पास खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी थी।

नोएडा में विरोध प्रदर्शन। Photo Credit: PTI
उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा में मजदूरों के बड़े विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद न्यूनतम मजदूरी बढ़ा दी है। अब नोएडा और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों को हर महीने 13,690 रुपये मिलेंगे। पहले यह राशि 11,313 रुपये थी। अल्प कुशल मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी अब 15,059 रुपये प्रति माह कर दी गई है।
कुशल श्रमिकों को हर महीने 16,868 रुपये दिए जाएंगे। सरकार ने यह फैसला सोमवार देर रात लिया है। अब कंपनियों को यही वेतन देना होगा। नई मजदूरी 1 अप्रैल 2026 से लागू मानी जाएगी। गौतम बुद्ध नगर की जिला मजिस्ट्रेट मेधा रूपम ने बताया कि उच्चस्तरीय समिति ने इस बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी। मुख्यमंत्री ने अंतिम फैसला लिया।
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कहां, कैसी मजदूरी मिलेगी, समझिए
दूसरे नगर निगम क्षेत्रों में भी अकुशल मजदूरों को 13006 रुपये, अल्प कुशल मजदूरों को 14,306 रुपये और कुशल मजदूरों को 16,025 रुपये मिलेंगे। बाकी जिलों में अकुशल मजदूरों की मजदूरी 12,356 रुपये, अल्प कुशल मजदूरों की 13591 रुपये और कुशल मजदूरों की मजदूरी, 15,224 रुपये तय की गई है।
मजदूर, सैलरी बढ़ने के बाद क्यों धरने पर?
मजदूर, न्यूनतम सैलरी, 19 हजार चाहते हैं। हरियाणा जैसी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। सरकार से अभी इस विषय पर मजदूर सहमत नहीं हो पाए हैं।
लक्ष्मी सिंह, पुलिस कमिश्नर:-
कल हमारे द्वारा अलग-अलग स्थानों पर हुई घटनाओं को लेकर 7 FIR दर्ज की गई है और 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनको उकसाने की दिशा में जो लोग चिह्नित किए गए थे उनकी भी गिरफ्तारियां की गई है और आने वाले दिनों में भी कुछ गिरफ्तारियां की जाएगी।
सरकार क्या कह रही है?
सरकार का कहना है कि इस फैसले से पहले नियोक्ताओं और मजदूर संगठनों से बातचीत की गई थी। दोनों पक्षों के सुझाव और आपत्तियों पर विचार करके ही यह संतुलित फैसला लिया गया।
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नोएडा में हुआ क्या था?
यह बढ़ोतरी सोमवार को नोएडा में हुए बड़े मजदूर विरोध प्रदर्शन के बाद हुई है। हजारों फैक्ट्री मजदूरों ने ज्यादा मजदूरी और बेहतर काम की स्थितियों की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए थे। कुछ जगहों पर प्रदर्शन हिंसक भी हो गया था। गाड़ियों में तोड़फोड की गई थी। जगह-जगह आगजनी की गई थी।
प्रदर्शन कैसे हिंसक हुआ?
नोएडा के हॉजरी कॉम्प्लेक्स में काम करने वाले मजदूरों ने सोमवार को ज्यादा वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पहले शांतिपूर्ण था, लेकिन बाद में हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से झड़प की और पथराव किया। उन्होंने कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया और एक कई कारों में आग लगाई।
कहां-कहां हुआ था प्रदर्शन?
नोएडा के फेज-2 और सेक्टर-60 इलाके में यह घटना हुई। हजारों मजदूर हॉजरी कॉम्प्लेक्स और आसपास की फैक्टरियों से सड़कों पर उतर आए। उन्होंने सड़कें जाम कर दीं, जिससे ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ। लोग घंटों फंस गए।
पुलिस ने बताया कि 40,000 से 45,000 मजदूर नोएडा के फेज-2 और सेक्टर 60, 62, 84 समेत 80 से ज्यादा जगहों पर सड़कों पर उतर आए। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और 60 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया। 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
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क्या चाहते हैं मजदूर?
मजदूर हरियाणा में हाल ही में बढ़ाए गए वेतन की तुलना में यूपी में कम वेतन पाने से नाराज हैं। हरियाणा में न्यूनतम वेतन करीब 19 हजार रुपये है, जबकि यूपी में यह 13 हजार रुपये के आसपास है। मजदूर 18 से 20 हजार रुपये वेतन, ओवरटाइम भुगतान, बोनस और बेहतर काम की स्थिति की मांग कर रहे हैं।
वेतन बढ़ाने के बाद भी प्रदर्शन क्यों?
उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को मजदूरों के लिए कुछ राहत के ऐलान किए थे, जिसमें डबल ओवरटाइम पेमेंट और समय पर वेतन देना शामिल था। सोमवार को भी कुछ राहत के एलान किए गए। मजदूर इन दरों को लेकर आक्रोशित हैं। उन्हें बेहतर वेतन की उम्मीद है, जो नहीं दी जा रही है। गौतम बुद्ध नगर के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट मेधा रूपम ने फैक्ट्री मालिकों से बात की और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद सोमवार को मजदूर अचानक हिंसक हो गए।
पुलिस-सरकार क्या कह रही है?
पुलिस का कहना है कि कुछ बाहरी और उकसाने वाले तत्वों ने प्रदर्शन को हवा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुजफ्फरनगर में कहा कि सरकार मजदूरों के साथ है। उन्होंने मजदूरों से अपील की कि वे उकसावे में न आएं और फैक्ट्री मालिकों से बातचीत करें। उन्होंने उद्योगपतियों से भी सीधा संवाद बनाए रखने को कहा।
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अब आगे क्या?
सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है, जिसमें उद्योग विभाग के अधिकारी, मजदूर संगठन और उद्योग संघ शामिल हैं। यह कमिटी मजदूरों और मालिकों के बीच विवाद सुलझाने की कोशिश करेगी। यह समिति हिंसा के कारणों की जांच करेगी।
किन राज्यों में हो चुके हैं ऐसे प्रदर्शन?
बिहार के बरौनी, गुजरात के सूरत, हरियाणा के मानेसर और पानीपत में भी मजदूरों ने इसी तरह की मांगों को लेकर प्रदर्शन किए थे। मजदूर नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं, ज्यादा न्यूनतम मजदूरी, बेहतर ओवरटाइम और बकाया वेतन की मांग कर रहे हैं।
मजदूर संगठनों का कहना है कि नवंबर 2025 में लागू हुई नई श्रम संहिता के बाद उन्हें मजदूरी बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हरियाणा सरकार ने 9 अप्रैल को न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई थी, जिसके बाद वहां के प्रदर्शन थम गए थे। अब नोएडा में भी तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं।
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