पश्चिमी एशिया के देशों में लगातार जारी हमलों के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर दिया गया है। ईरान ने कहा है कि इस रास्ते से सिर्फ चीन के जहाज गुजर सकेंगे। इसका मतलब है कि अगर यही स्थिति रहती है तो भारत में तेल की कमी हो सकती है। इसी बीच अमेरिका ने कहा है कि वह भारत को 30 दिन की मोहलत दे रहा है कि वह रूस से तेल खरीद सके। भारत के बारे में किसी दूसरे देश के इस तरह के एलान पर अब तक भारत सरकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं है। इस मुद्दे पर विपक्षी कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा है और कहा है कि अब डोनाल्ड ट्रंप ही भारत की विदेश नीति तय कर रहे हैं और वह छूट नहीं आदेश दे रहे हैं।
ऑपरेशन सिंदूर से लेकर अब ईरान पर हुए हमले तक को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को लेकर मोदी सरकार चौतरफा घिरी हुई है। डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार कहा कि उन्होंने सीजफायर कराया और उन्होंने नरेंद्र मोदी को रोका। इसी को लेकर कांग्रेस ने संसद में भी खूब हंगामा किया था। इसी के चलते कांग्रेस इन दिनों 'पीएम इज कॉम्प्रोमाइज्ड' का नारा लगा रही है और उम्मीद है कि बजट सत्र के दूसरे चरण में भी इसको लेकर खूब हंगामा हो सकता है।
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भड़क गई कांग्रेस
कांग्रेस नेता उदित राज ने मोदी सरकार को घेरते हुए कहा है, 'छूट नहीं आदेश दिया गया है कि 30 दिन तक और तेल खरीद लो। अब कोई शक नहीं रह जाता है कि ट्रंप हमारे विधाता हैं, ट्रंप हमारी विदेश नीति तय करते हैं। अब धीरे-धीरे हमारी जो घरेलू नीति है उस पर भी प्रतिकूल असर पड़ने वाला है। वह भी तय कर रहे हैं। अब इसमें कोई डाउट नहीं रह गया है।'
वहीं, जयराम रमेश ने लिखा है, 'ट्रम्प का नया खेल, दिल्ली दोस्त को कहा, पुतिन से ले सकते हो तेल, कब तक चलेगा, यह अमेरिकी ब्लैकमेल?'
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क्या है मामला?
इससे पहले अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करके कहा था, ‘इंटरनेशनल मार्केट में तेल की उपलब्धता जारी रखने के लिए, वित्त विभाग भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट दे रहा है। भारत अमेरिका का एक जरूरी पार्टनर है और हम पूरी तरह से आशा करते हैं कि नई दिल्ली अमेरिकी तेल की खरीद में तेजी लाएगी। यह शॉर्ट टर्म सॉल्यूशन वैश्विक ऊर्जा को बंधक बनाने के ईरान के प्रयास के कारण उत्पन्न दबाव को कम करेगा।’ बता दें कि भारत सरकार की तरफ से फिलहाल इसे लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
दरअसल, अमेरिका ने बार-बार भारत से यह कहा कि वह रूस से तेल न खरीदे। इसके बाद यह देखा गया है कि भारतीय तेल कंपनियों ने रूस से तेल खरीदना लगभग बंद कर दिया गया है और वेनेजुएला से तेल खरीदना शुरू कर दिया है। अब जब ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर दिया है और दुनियाभर में तेल की किल्लत होने की आशंका है तो अमेरिका ने भारत के लिए नया एलान कर दिया है।