इस महीने 4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आने वाली फ्लाइट में टर्बुलेंस हुआ था, जिसमें प्लेन 300 फीट नीचे गिरा था। इसी मामले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, जब प्लेन के कैप्टन का डोप टेस्ट कराया गया तो कथित तौर पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि कैप्टन नशे की हालत में एयरप्लेन चला रहे थे। एयर इंडिया ने डोप टेस्ट की रिपोर्ट के बारे में पुष्टि नहीं की है। साथ ही एयर इंडिया ने टेस्ट रिपोर्ट को अभी तक शेयर नहीं किया है।
इस मामले को लेकर एयर इंडिया ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। जानकारी के मुताबिक, जब यह फ्लाइट दिल्ली पहुंची तो फ्लाइट के 13 यात्री और 4 क्रू मेंबर्स घायल पाए गए, इसलिए घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। फिलहाल इस मामले को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) जांच-पड़ताल कर रही है।
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इस मामले को लेकर एयर इंडिया के अधिकारी ने कहा, 'हमें पता है कि पायलट का स्क्रीनिंग टेस्ट हुआ था, हालांकि टेस्ट की रिपोर्ट हमें शेयर नहीं की गई है, इसलिए हम इस पर कोई राय नहीं दे सकते हैं।'
300 फीट नीचे गिरी फ्लाइट
इस मामले को लेकर नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू ने 5 अगस्त को जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि इस घटना में फ्लाइट अचानक 300 फीट नीचे गिर गई थी। इससे न सिर्फ क्रू मेंबर, बल्कि यात्री भी घायल हुए। यह घटना 4 अगस्त को शाम पांच बजे हुई थी।
इसके बाद राममोहन नायडू ने फ्लाइट के स्टाफ की तारीफ करते हुए कहा, 'इस फ्लाइट को लैंडिंग के एक घंटे बाद दोबारा उड़ान भरनी थी। इस दौरान फ्लाइट के स्टाफ ने यात्रियों की मदद की थी, साथ ही सुविधाएं उपलब्ध कराई थीं। जिसके लिए मैं उनका शुक्रिया अदा करता हूं।'
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DGCA की जांच में क्या पता चला?
इस मामले की DGCA हर एंगल से जांच-पड़ताल कर रही है। शुरुआती जांच के मुताबिक, फ्लाइट के अचानक गिरने की वजह तकनीकी नुकसान नहीं थी। इसी वजह से DGCA गंभीरता से जांच कर रही है, ताकि पता चल सके कि आखिर फ्लाइट अचानक 300 फीट नीचे कैसे गिरी। इस घटना के बाद फ्लाइट के पूरे क्रू को फिलहाल ड्यूटी से हटा दिया गया है।