PM मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल कैसे रहे? 25 फैसलों से समझिए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे हो रहे हैं। ढाई दशक में उनके अहम फैसले क्या रहे, जिनकी खूब चर्चा हुई, पढ़ें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। Photo Credit: PTI
प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी
76 साल के हो गए हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) उनके जन्मदिन पर 'सेवा संकल्प यात्रा' निकाल रही है। रक्षा मंत्री
राजनाथ सिंह
और गृहमंत्री अमित शाह जैसे नेताओं ने कई बाइक यात्राओं को हरी झंडी दिखाई है। 17 सितंबर 1950 को प्रधानमंत्री गुजरात के महसाणा जिले के वडनगर गांव में हुआ था। अब उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेता, उत्सव की तरह मना रहे हैं। प्रधानमंत्री, अपने सार्वजनिक जीवन के 25 साल भी पूरे कर रहे हैं।
7 अक्तूबर 2001 को वह गुजरात के मुख्यमंत्री बने। 13 साल तक, वह इस पद पर रहे, फिर 26 मई 2014 को देश के प्रधानमंत्री बने। वह लगातार 12 साल से प्रधानमंत्री हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ से लेकर तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने तक उनका सार्वजनिक जीवन उपलब्धियों और आलोचनाओं से भरा रहा है।
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आइए सार्वजनिक जीवन के उन 25 फैसलों के बारे में जानते हैं, जिन्होंने उन्हें और लोकप्रिय बनाया-
- 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ
7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने भुज भूकंप के बाद के मुश्किल दौर में गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यहीं से उनकी 25 साल की सार्वजनिक पारी शुरू हुई। यह राजनीतिक शुरुआत का फैसला था। - 2003 में पहली बार वाइब्रेंट गुजरात समिट की शुरुआत
निवेशकों को राज्य की ओर आकर्षित करने के लिए वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर समिट शुरू की गई, जो बाद में देश के सबसे बड़े निवेश मंचों में गिनी गई। यह अर्थव्यवस्था के नजरिए से बेहद खास साबित हुआ। - 2003 में ज्योतिग्राम योजना
गांवों तक 24 घंटे बिजली पहुंचाने के लक्ष्य से शुरू हुई इस योजना को गुजरात मॉडल की एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया गया। ग्रामीण विकास से जुड़े इस फैसले ने, गुजरात की तस्वीर और तकदीर दोनों बदली। गुजरात समृद्ध राज्यों में शुमार होने लगा। - 2012 तक गुजरात मॉडल, बना देश का मॉडल
2012 के विधानसभा चुनाव में जीत के साथ नरेंद्र मोदी लगातार चौथी बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने, जिसने राष्ट्रीय राजनीति में उनकी दावेदारी को मजबूत किया। यह राजनीति से जुड़ा फैसला था। गुजरात मॉडल की देशभर में चर्चा हुई, जिसकी वजह से जब 2014 के नतीजे आए तो हर किसी के लिए चौंकाने वाले रहे। - 2014, पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ
लोकसभा चुनाव में बीजेपी को तीन दशक बाद पूर्ण बहुमत मिला और 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। यह राष्ट्रीय राजनीति के लिए चौंकाने वाली बात साबित हुई। दशकों से कायम कांग्रेस की सरकार की ऐसी विदाई हुई कि आज तक, पूरा विपक्ष उबर नहीं पा रहा है।
- प्रधानमंत्री जन-धन योजना
अगस्त 2014 में शुरू हुई इस योजना के तहत करोड़ों नागरिकों के बैंक खाते खोले गए, जिसे वित्तीय समावेशन की दिशा में बड़ा कदम माना गया। सरकार वित्तीय तौर पर लोगों को मजबूत बनाने के लिए यह योजना लेकर आई थी। - मेक इन इंडिया अभियान
सितंबर 2014 में शुरू किए गए इस अभियान का मकसद देश में विनिर्माण और निवेश को बढ़ावा देना और भारत को वैश्विक उत्पादन केंद्र बनाना था। यह फैसला, उद्योग जगत के लिए क्रांतिकारी साबित हुआ। - स्वच्छ भारत अभियान
2 अक्टूबर 2014 को शुरू हुए इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत करोड़ों शौचालयों का निर्माण हुआ और स्वच्छता को जन-आंदोलन का रूप दिया गया। यह योजना भी काफी हद तक सफल रही। - डिजिटल इंडिया मिशन
जुलाई 2015 में शुरू हुए इस मिशन ने सरकारी सेवाओं को डिजिटल बनाने और देश में इंटरनेट और तकनीकी पहुंच बढ़ाने की नींव रखी। देश में हर वर्ग तक इंटरनेट की पहुंच बढ़ रही है। - प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान से बचाने के लिए एक किफायती बीमा योजना शुरू की गई। 18 फरवरी 2016 से ही लाखों किसानों को इस फैसले से मदद मिल रही है।
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- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
मई 2016 में गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देने के लक्ष्य से यह योजना शुरू हुई, जिसका असर ग्रामीण घरों की रसोई तक पहुंचा। - नोटबंदी
8 नवंबर 2016 को 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को अमान्य घोषित किया गया। यह स्वतंत्र भारत के सबसे बड़े और सबसे चर्चित आर्थिक फैसलों में से एक रहा। इस फैसले की सबसे ज्यादा आलोचना हुई। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने खुद माना था कि नोटबंदी में बंद किए गए कुल 500 और 1000 रुपये के नोटों का 99.3 फीसदी हिस्सा बैंकों में वापस लौट आया था। इस योजना के मकसद पर ही सवाल उठने लगे। - GST
1 जुलाई 2017 से पूरे देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू हुआ, जिसने राज्यों के अलग-अलग करों की जगह 'एक देश, एक कर' व्यवस्था की शुरुआत की। - आयुष्मान भारत योजना
दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में गिनी जाने वाली इस पहल के तहत गरीब परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी गई। - दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ
2019 के लोकसभा चुनाव में BJP को और बड़ी जीत मिली। 30 मई 2019 को नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। यह राष्ट्रीय राजनीति का फैसला था। - अनुच्छेद 370 पर फैसला
5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निष्प्रभावी किया गया और राज्य का पुनर्गठन हुआ। - नागरिकता संशोधन कानून (CAA)
दिसंबर 2019 में संसद ने नागरिकता संशोधन कानून पारित किया, जिसे लेकर देशभर में व्यापक बहस और विरोध-प्रदर्शन भी हुए। इस कानून के खिलाफ देशभर में माहौल बना फिर भी केंद्र ने लागू किया। - राम मंदिर भूमि पूजन
5 अगस्त 2020 को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन समारोह हुआ। यह भारत के सबसे बड़े विवादों में से एक रहा है। - कृषि कानून और उनकी वापसी
2020 में लाए गए तीन कृषि कानूनों का किसानों ने बड़े स्तर पर विरोध किया, जिसके बाद नवंबर 2021 में सरकार ने तीनों कानून वापस लेने की घोषणा की। - कोविड-19 टीकाकरण अभियान
जनवरी 2021 से शुरू हुए राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत भारत ने दुनिया के सबसे बड़े कोविड वैक्सीनेशन कार्यक्रमों में से एक चलाया। भारत ने अपने पड़ोसी देशों की भी मदद की। - पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान
अक्टूबर 2021 में शुरू की गई इस योजना का मकसद देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की योजना और क्रियान्वयन को एक साझा डिजिटल मंच पर लाना था। - जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी
भारत ने 2023 में जी-20 की अध्यक्षता करते हुए नई दिल्ली में शिखर सम्मेलन का आयोजन किया, जिसे वैश्विक मंच पर भारत की कूटनीतिक पहचान मजबूत करने वाला अवसर बताया गया। - नारी शक्ति वंदन अधिनियम
सितंबर 2023 में संसद ने महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला विधेयक पारित किया। व्यवहारिक स्तर पर यह नियम चुनौतियों का सामना कर रहा है। विपक्ष इसे परिसीमन से जोड़कर देख रहा है। -
तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ
2024 के लोकसभा चुनाव के बाद जून 2024 में नरेंद्र मोदी ने गठबंधन सरकार के प्रमुख के रूप में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
- ऑपरेशन सिंदूर
मई 2025 में सीमा पार आतंकी ठिकानों के खिलाफ चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' को मोदी सरकार के कार्यकाल के अहम सुरक्षा-नीति फैसलों में गिना गया। सरकार ने पहलगाम की बैसरन घाटी में तबाही मचाने की सजा पाकिस्तान को दी थी। पाकिस्तान के कई आतंकी ठिकानों को भारत ने तबाह कर दिया था।
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