घुसपैठ, दंगा और माफिया; PM मोदी ने ममता को किन-किन मुद्दों पर घेरा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल के सिंडिकेट टैक्स का जिक्र किया औ कहा कि यहां छोटा से छोटा टीएमसी का नेता खुद को बंगाल का माई-बाप समझने लगा है। उन्होंने ममता बनर्जी सरकार को माफिया, घुसपैठ और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जमकर घेरा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम ममता बनर्जी। (Photo credit: PTI)
सिंगुर की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) को आड़े हाथों लिया। कानून व्यवस्था, सिंडिकेट टैक्स, घुसपैठ और माफियाओं के चंगुल में शिक्षा व्यवस्था का न केवल जिक्र किया, बल्कि जनता से टीएमसी को सबक सिखाने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि कैसे टीएमसी सरकार केंद्र की योजनाओं को पश्चिम बंगाल में रोक रही है? उन्होंने टीएमसी पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि टीएमसी सरकार पश्चिम बंगाल में लगातार केंद्र की योजनाओं में रुकावट डाल रही है। यही कारण है कि यहां के लोगों को आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ नहीं मिला पा रहा हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि बीजेपी की सरकार बनने पर बंगाल के गरीब परिवारों को मुफ्त इलाज मिलेगा।
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'किसानों से दुश्मनी ठाने है टीएमसी'
पीएम मोदी ने कहा, 'टीएमसी यहां के नौजवानों, माताओं-बहनों और किसानों से दुश्मनी ठाने है। बंगाल के मछुआरों से कैसे दुश्मनी निकाल रही है? इसका मैं एक उदाहरण देता हूं। बंगाल के लाखों परिवार मछली के काम से जुड़े हैं। यहां से जितनी मछली एक्सपोर्ट होती है, उससे कहीं अधिक संभावनाएं बंगाल में हैं। बंगाल के मछुआरों में वह ताकत है। इसके लिए जरूरी है कि मेरे मछुआरा भाइयों को मदद और बेहतर तकनीक मिले। इसी सोच के साथ देशभर के मछुआरों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने एक डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया। इस प्लेटफॉर्म पर देशभर की राज्य सरकारें अपने यहां के मछुआरों का नाम पंजीकृत करा रहीं हैं, लेकिन बंगाल में इस काम पर ब्रेक लगा है। हम बंगाल की टीएमसी सरकार को बार-बार चिट्ठी लिखते हैं, लेकिन टीएमसी सरकार यहां के मछुआरों के रजिस्ट्रेशन में बिल्कुल सहयोग नहीं कर रही है। इससे बंगाल के मछुआरों को पीएम मत्स्य संपदा जैसी योजनाओं का फायदा नहीं मिल पा रहा है।'
विकास में रुकावट डालने वालों को मिल रही सजा
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि टीएमसी बंगाल के नौजवानों के भविष्य के साथ खेल रही है। पूरे देश में हजारों आधुनिक पीएम श्री स्कूल खोले जा रहे हैं, लेकिन टीएमसी बंगाल के बच्चों को पीएम श्री स्कूल के बेहतर शिक्षा से वंचित रख रही है। उन्होंने दावा किया कि देश का मतदाता अब जाग चुका है। विकास में रुकावट डालने वाली सरकारों को लगातार सजा मिल रही है।
पीएम मोदी ने बंगाल में क्यों किया दिल्ली का जिक्र?
बंगाल की धरती पर पीएम मोदी ने दिल्ली की पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी की सरकार का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'दिल्ली में भी एक ऐसी ही सरकार थी, जो केंद्र की योजनाओं को लागू होने नहीं देती थी। हम उनको कहते थे कि दिल्ली के गरीब परिवारों को मुफ्त इलाज देने वाली आयुष्मान स्कीम लागू करो, लेकिन वे सुनते ही नहीं थे। वे राजनीतिक हिसाब-किताब में लगे रहते थे। इसलिए दिल्ली की जनता ने उनको बाहर का रास्ता दिखाया दिया और मुख्यमंत्री को घर भेज दिया है।'
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पीएम मोदी ने बताया- बंगाल में बीजेपी की सरकार क्यों जरूरी?
पीएम मोदी ने आगे कहा कि बंगाल की जनता जाग चुकी है। यहां के लोग टीएमसी की निर्मम सरकार को सबक सिखाने वाले है, ताकि यहां भी बीजेपी सरकार बने और आयुष्मान भारत योजना बंगाल में भी लागू हो और गरीबों को मुफ्त इलाज मिले। पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल में बीजेपी की डबल इंजन सरकार का होना बेहद जरूरी है। उनका दावा है कि जहां भी बीजेपी की डबल इंजन सरकार है, वहां केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत बहुत शानदार काम हो रहा है।
'बीजेपी आएगी तो बंगाल में भी बदलेंगे हालात'
पीएम मोदी ने त्रिपुरा का उल्लेख किया और बताया कि त्रिपुरा में लेफ्ट की सरकार के समय 100 में सिर्फ 4 घरों में नल से जल आता था। मगर बीजेपी की सरकार में हर घल जल योजना के तहत 100 में 85 घरों तक नल से पानी पहुंच रहा है। बंगाल में आधी आबादी तक नल से जल नहीं पहुंचता है। अगर त्रिपुरा में बीजेपी नहीं आती तो वहां आज भी वैसा ही हाल होता। बंगाल में बीजेपी आएगी यहां भी हाल बदलेंगे।
'नौजवानों को आवाज बुलंद करना होगा'
बंगाल से टीएमसी के महा जंगलराज का जाना और बीजेपी के सुशान का आना बहुत जरूरी है। इसके लिए ईश्वर चंद्र विद्यासागर के बताए रास्ते पर चलना होगा। उन्होंने नारी और युवा शक्ति को परिवर्तन का माध्यम बनाया था। अब बंगाल की बहन-बेटियों और नौजवानों को अपनी आवाज बुलंद करनी होगी।
'टीएमसी को सबक सिखाना जरूरी'
पीएम मोदी ने कहा, 'टीएमसी राज में बेटियां भी सुरक्षित नहीं है। शिक्षा व्यवस्था माफिया और भ्रष्टाचारियों के कब्जे में है। यहां के बेटा-बेटियों को तब तक अच्छी शिक्षा नहीं मिलेगी जब तक यहां टीएमसी के पास सत्ता की ताकत रहेगी। टीएमसी को सबक सिखाना बहुत जरूरी है। यहां छोटा से छोटा टीएमसी का नेता खुद को बंगाल का माई-बाप समझने लगा है।'
पीएम मोदी ने कहा, 'बंगाल में उद्योग और निवेश तभी आएंगे, जब यहां कानून व्यवस्था ठीक होगी, लेकिन बंगाल में दंगाइयों, लूटने वालों और माफियाओं को खुली छूट मिली है। यहां हर चीज पर सिंडिकेट टैक्स लगाया जाता है। इस सिंडिकेट टैक्स को बीजेपी सरकार ही खत्म करेगी।'
पीएम ने बताया- टीएमसी को घुसपैठियों क्यों पसंद हैं?
पीएम मोदी आरोप लगाया, 'टीएमसी सरकार पश्चिम बंगाल औ देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है। इसलिए यहां के नौजवानों को बहुत सावधान रहना है। टीएमसी यहां घुसपैठियों को भांति-भांति की सुविधाएं देती है। घुसपैठियों को बचाने के लिए धरना प्रदर्शन करती है। टीएमसी को घुसपैठिये इसलिए पसंद हैं, क्योंकि वे इनके पक्के वोट बैंक हैं।'
पीएम मोदी ने आगे कहा, 'घुसपैठियों को बचाने के लिए टीएमसी किसी भी हद तक जा सकती है। पिछले 11 वर्षों से केंद्र सरकार टीएमसी की सरकार को पत्र लिखती है कि बंगाल के बॉर्डर पर फेंसिंग जरूरी है। इसके लिए जमीन चाहिए, लेकिन टीएमसी को कोई फर्क नहीं पड़ता है। टीएमसी उन गिरोह को संरक्षण देती है, जो घुसपैठियों को सुरक्षा देते हैं और फर्जी दस्तावेज बनाते हैं।'
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