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क्या कुछ बड़ा होने वाला है? 8.30 पर देश को संबोधित करेंगे PM नरेंद्र मोदी

संसद में महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक पास नहीं हो सके। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के नाम संबोधन करने वाले हैं।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। Photo Credit: PTI

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लोकसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान वाला संविधान विधेयक, सदन में पास नहीं हो सका।  विधेयक के गिरने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार रात 8:30 बजे राष्ट्र के नाम संबोधन करने वाले हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसकी घोषणा की है। पीएम मोदी किस विषय पर संबोधन करेंगे, यह साफ नहीं है।

लोग इसे संसद में महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों से जोड़कर देख रहे हैं। विधेयक में महिलाओं के लिए संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ-साथ लोकसभा की सदस्य संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने और 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन का प्रावधान था। 

यह भी पढ़ें: लोकसभा में पास नहीं हुआ 131वां संविधान संशोधन बिल, विपक्ष में 230 वोट पड़े

सदन में कैसे गिर गया विधेयक?

विधेयक के पक्ष में 298 सांसदों ने वोट दिया, जबकि 230 सांसदों ने विरोध किया। केंद्र सरकार, विपक्ष पर महिलाओं के खिलाफ काम करने का आरोप लगा रही है।  महिला आरक्षण को 2029 से लागू करने और लोकसभा की सीटें बढ़ाने वाले संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा में खारिज हो जाने के बाद बीजेपी और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। 

बीजेपी ने इसे काला दिन बताया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर महिलाओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि विपक्ष को देश की महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ेगा और उन्होंने अपनी विश्वसनीयता हमेशा के लिए खो दी है।

क्यों BJP विपक्ष को घेर रही है?

केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे और बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष ने महिला सशक्तीकरण और दक्षिण भारत के क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व दोनों को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील के बावजूद विपक्ष ने राजनीतिक जिद में आकर महिलाओं को इस मौके से वंचित कर दिया।

विपक्ष के आरोप क्या हैं?

विपक्ष ने सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि महिला आरक्षण को तुरंत लागू करना चाहिए। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि उनकी आपत्ति आरक्षण पर नहीं बल्कि इसे परिसीमन से जोड़ने पर थी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार मानसून सत्र में बिना परिसीमन के नया विधेयक लाए तो वे उसे पास कर देंगे। अन्य विपक्षी नेताओं ने भी इसे राजनीतिक खेल बताया और वर्तमान संसद की सीटों पर ही आरक्षण लागू करने की मांग की।

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