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दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब, AQI 605 पहुंचने से बढ़ी चिंता

दिल्ली में हवा का स्तर लगातार तीसरे दिन 'बहुत खराब' श्रेणी में बना हुआ है। 4 नवंबर की सुबह का औसत AQI 605 दर्ज किया गया। शहर के 20 इलाकों में हवा की गुणवत्ता 'गंभीर' स्तर पर पहुंच गई है। 

Haze-engulfed area near Akshardham Temple

अक्षरधाम मंदिर के पास का इलाका, Photo Credit- ANI

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का संकट गहराता जा रहा है। बुधवार यानी 4 नवंबर को लगातार तीसरे दिन दिल्ली की हवा बहुत खराब श्रेणी में बनी रही। सुबह शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 605 दर्ज किया गया। पूरी दिल्ली पर धुंध की एक मोटी चादर छाई रही। स्थिति इतनी चिंताजनक है कि शहर के कई हिस्सों में सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। 

 

दिल्ली के कुल 59 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 20 जगहों पर हवा 'गंभीर' स्तर पर पाई गई। पंजाबी बाग और जहांगीरपुरी जैसे इलाकों में तो AQI 447 तक पहुंच गया। इसके अलावा मुंडका और IIT दिल्ली के पास भी AQI क्रमशः 436 और 438 दर्ज हुआ। 33 स्टेशनों पर हवा 'बहुत खराब' और बाकी पर 'खराब' श्रेणी में रही। 2 नवंबर को ही प्रदूषण बढ़ने के बाद दिल्ली में GRAP का स्टेज II लागू किया जा चुका है।

 

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हवा खराब होने की मुख्य वजहें

डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली की हवा को जहरीली बनाने में सबसे बड़ा हाथ गाड़ियों से निकलने वाले धुएं का है। इसकी हिस्सेदारी कुल प्रदूषण में  15.8% दर्ज की गई है। इसके बाद आता है पराली से निकलने वाला धुआं जो 15.3% योगदान के साथ दूसरा सबसे बड़ा कारण है।

 

अन्य स्रोतों में  घरों से निकलने वाला धुआं (3.9%), उद्योग (3%), निर्माण कार्य (2.2%), कचरा जलाना (1.4%), ऊर्जा उत्पादन और सड़कों की धूल (1.2%-1.2%)।

पड़ोसी राज्यों में पराली का हाल

आंकड़ों के अनुसार, 2 नवंबर को छह राज्यों में पराली जलाने की 219 घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें सबसे ज्यादा 98 मामले पंजाब में सामने आए। इसके बाद राजस्थान (67) और मध्य प्रदेश (48) का नंबर रहा। उत्तर प्रदेश में 4 और हरियाणा में 2 मामले दिखे जबकि दिल्ली और उत्तराखंड में उस दिन एक भी घटना दर्ज नहीं हुई।

 

 

अगर 15 सितंबर से 2 नवंबर तक की बात करें, तो इन राज्यों में कुल 3,535 पराली जलाने के मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें से 1,612 घटनाएं अकेले पंजाब से हैं। दिल्ली में इस सीजन में अब तक केवल 2 बार पराली जलाने की घटना दर्ज हुई है।

 

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आगे कैसा रहेगा हवा?

एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम का अनुमान है कि दिल्ली की हवा में कम से कम शुक्रवार यानी 6 नवंबर तक कोई खास सुधार नहीं होगा। यह 'बहुत खराब' श्रेणी में ही बनी रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 27 से 29 °C और न्यूनतम तापमान 14 से 16 °C के बीच रहने की संभावना है। बारिश के आसार नहीं हैं और आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा।


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