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'प्राइवेट पार्ट पर मारा, चेहरा नोचा', राहुल से प्रदर्शनकारियों ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए आंदोलन में पुलिस की कार्रवाई में घायल हुए लोगों से मुलाकात की, उनके साथ प्रेस को संबोधित किया। पढ़ें रिपोर्ट।

दिल्ली प्रोटेस्ट के दौरान घायल हुए युवाओं से राहुल गांधी ने मुलाकात की है।

दिल्ली प्रोटेस्ट के दौरान घायल हुए युवाओं से मिले राहुल गांधी। Photo Credit: PTI

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लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने 10 अक्तूबर को जंतर मंतर और राजीव चौक के पास वाले इलाके में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सड़कों पर उतरे युवाओं से मुलाकात की है। उन्होंने दावा किया है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की है, उन्हें बुरी तरह मारा-पीटा है। युवाओं ने कहा कि उन्हें शांति पूर्व प्रदर्शन के लिए भी मारपीट का सामना करना पड़ा। कुछ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें सिर्फ ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की वजह से पुलिस ने बुरी तरह पीटा। 

एक युवा प्रदर्शनकारी ने अपनी आपबीती साझा करते हुए कहा, 'पुलिस हम पर अपनी भड़ास निकाल रही थी। हमें पुलिसकर्मी कह रहे थे कि तुम लोग 5-500 रुपये पर आ गए हो, दलाल हो। तुम्हारी वजह से हमें 8-8 घंटे ड्यूटी करनी पड़ रही है, हमें आराम नहीं मिल रहा है। पुलिसकर्मी यह कहते हुए हमें मार रहे थे, हमें पेट पर लात तक मारी गई।'

ऋतु बारला, NSUI महासचिव:-
दिल्ली पुलिस ने हमारे साथ जैसा व्यवहार किया, वह बहुत ही अमानवीय था। आजादी से पहले जैसे अंग्रेजों ने गरीबों और मजदूरों पर बर्बरता की, उसी तरह आज पुलिस देश के लोगों की आवाज दबाने का काम कर रही है। हम कहना चाहते हैं कि हमारे नेता राहुल गांधी जी एक बड़े भाई की तरह हमारे साथ खड़े हैं। हम डरने वाले नहीं हैं। हम अन्याय के खिलाफ लड़ेंगे और जीतेंगे। दिल्ली पुलिस ने हमारे साथ जैसा व्यवहार किया, वह बहुत ही अमानवीय था। आजादी से पहले जैसे अंग्रेजों ने गरीबों और मजदूरों पर बर्बरता की, उसी तरह आज पुलिस देश के लोगों की आवाज दबाने का काम कर रही है। हम कहना चाहते हैं कि हमारे नेता राहुल गांधी जी एक बड़े भाई की तरह हमारे साथ खड़े हैं। हम डरने वाले नहीं हैं। हम अन्याय के खिलाफ लड़ेंगे और जीतेंगे।

यह भी पढ़ें: 'युवाओं को जेल में ठूंसना कायरता है', CJP के साथ आए राहुल गांधी, सरकार पर भड़के

'15-20 पुलिसकर्मियों ने जमकर पीटा'

प्रदर्शनकारियों में से एक समर्थ ने बताया कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने ले जाकर 15–20 पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बस में ले जाते वक्त उनके साथ मारपीट जारी रही।  

'दिल्ली पुलिस ने गाली दी, शीशे तोड़ने के आरोप लगाए'

धर्मेंद्र नाम के एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने गाली-गलौज की और मारपीट की। उनके खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें वाहन के शीशे तोड़ने और पुलिस पर हमले जैसे झूठे आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा कि वे डरने वाले नहीं हैं और अपने हक की लड़ाई जारी रखेंगे।  

'पुलिस ने अवैध हिरासत में लिया, फोन छीन लिया'

कंटेंट क्रिएटर रमित ने आरोप लगाया कि कोर्ट के आदेशों के बावजूद उन्हें अवैध रूप से हिरासत में लिया गया। हिरासत में प्रदर्शनकारियों के फोन छीने गए और फॉर्मेट कर दिए गए। इसके बाद उन्होंने शांति का संदेश देते हुए बांसुरी बजाई।  

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'प्राइवेट पार्ट पर पुलिस ने मारा, चेहरा नोचा'

NSUI की एक नेता न कहा कि हिरासत के दौरान मचंचल यादव नाम की एक महिला पुलिसकर्मी और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके साथ गंभीर मारपीट की, बाल खींचे, प्राइवेट पार्ट पर मारा, कान और चेहरे पर चोट पहुंचाई और थाने के कमरे में बंद करके पीटा। 

'कान पर भी चोटें आईं हैं'

आदिरा ने बताया कि उन्हें बिना महिला पुलिसकर्मियों के हिरासत में ले जाया गया और बाद में थाने के बेसमेंट में ले जाकर उनके साथ मारपीट की गई, जिससे उनके कान और चेहरे पर चोट आई और सुनने में परेशानी हुई।   

अर्जुन ने आरोप लगाया कि एलआईसी के पास एक अवैध डिटेंशन सेंटर बनाया गया था, जहां प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ नाबालिग बच्चों और गैर-प्रदर्शनकारियों के साथ भी मारपीट की गई और फोन छीन लिए गए।

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राहुल गांधी ने क्या कहा है?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्रों से कहा है कि ये छात्र, हिंदुस्तान की बात कर रह हैं, इनकी आवाज, हिदुस्तान की आवाज है, जिसे दबाया नहीं जा सकता है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वह की इस ज्यादती के सारे सबूत और वीडियो रिकॉर्ड सुरक्षित रख लें। यह काम आने वाली है, किसी भी दोषी अधिकारी को नहीं बख्शेंगे। सड़क से अदालत तक लड़ाई कांग्रेस पार्टी लड़ेगी।


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