उत्तर रेलवे ने शुक्रवार को दिल्ली में डेंगू की बिमारी से बचने के लिए बड़ी पहल की। बारिश के इस मौसम में दिल्ली क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के किनारे मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए रेलवे ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से एक विशेष ट्रेन 'मॉस्किटो टर्मिनेटर ऑन व्हील्स' शुरू की। इस पहल का मकसद रेलवे ट्रैक के किनारे मच्छरों को मारना है।
दिल्ली नगर निगम के मेयर प्रवेश वाही ने इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उत्तर रेलवे दिल्ली मंडल और दिल्ली नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
यह भी पढ़ें: मनाली की साक्षी ठाकुर ने 6081 मीटर ऊंची शिंकुन ईस्ट फतह कर लहराया तिरंगा
क्यों चलाी गई है ट्रेन?
मॉस्किटो टर्मिनेटर ऑन व्हील्स ट्रेन हर फेरे में लगभग 75 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। रेल पटरियों के किनारे गड्ढों और जमा हुए पानी में मच्छरों को पनपने से रोकने और उन्हें नियंत्रित करने के साथ ही लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह मच्छर मार विशेष रेलगाड़ी चलाई गई है।
50-60 मीटर की दूरी तक छिड़काव
रेलवे ने जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली नगर निगम (MCD) द्वारा उपलब्ध कराए गए एक ट्रक माउंटेड पावर स्प्रेयर को रेलगाड़ी के खुले डिब्बे (एफ.एम.पी.) नाम के एक विशेष प्रकार के वैगन पर लोड किया गया। इस स्प्रेयर ने ट्रेन की आवाजाही के दौरान 50-60 मीटर की दूरी तक के क्षेत्रों में मच्छरों को मारने के लिए एंटी लार्वा स्प्रे का छिड़काव किया।
यह भी पढ़ें: 'आपके पास 48 घंटे हैं', CJP की राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को चेतावनी
मच्छरों के खतरे के प्रसार में कमी आएगी
रेलवे ने आगे बताया कि यह रेलगाड़ी आज आदर्श नगर और बादली के रास्ते राठधना से गुजरते हुए नई दिल्ली लौटी और कार्यक्रम के मुताबिक 26 अगस्त तक दिल्ली और अन्य क्षेत्रों को कवर करेगी। मच्छरों के प्रजनन के चरम मौसम को कवर करने के लिए 6 सप्ताह में कुल 12 राउंड छिड़काव (हर मार्ग पर दो राउंड) किया जाएगा। इससे मच्छरों के लार्वा के प्रजनन और मच्छरों के खतरे के प्रसार में कमी आएगी।
रेलवे कॉलोनियों और रेलवे भूमि में मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए रेलवे जरूरी उपाय कर रहा है। इसके अलावा, रेलवे ओवरहेड टैंकों की सफाई और पानी की टंकियों के गायब/क्षतिग्रस्त ढक्कनों को बदलना भी सुनिश्चित कर रहा है।