कुछ दिनों पहले जब तक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO के नाम का एलान नहीं हुआ था तब तक पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडे के नाम की खूब चर्चा थी। इसी को लेकर हाल ही में राजेश पांडे ने एक इंटरव्यू में कई बातें कहीं। इसमें उन्होंने कहा कि जिस दिन वह इंटरव्यू देने गए थे तब उन्होंने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को तो देखा भी नहीं था। इसी के बाद चर्चा शुरू हो गई कि क्या जितेंद्र मिश्रा बिना इंटरव्यू दिए ही CEO बन गए? अब ट्रस्ट ने इस पर जवाब दिया है और बताया है कि 11 अगस्त को जितेंद्र मिश्रा ने इंटरव्यू दिया था। इतना ही नहीं, राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से उन तीन लोगों के नाम भी बताए गए हैं जो आखिरी चरण में रेकमेंड हुए थे। रोचक बात है कि इन तीन लोगों में राजेश पांडे का नाम नहीं था।
जितेंद्र मिश्रा के इंटरव्यू में शामिल ना होने की बात पर ट्रस्ट ने कहा है कि ये बातें गलत हैं। ट्रस्ट ने कहा है कि जितेंद्र मिश्रा का चयन मेरिट के आधार पर हुआ है और इसके लिए दस्तावेजी सबूत भी मौजूद हैं। यह भी बताया गया है कि हर स्टेज के सबूत रखे गए हैं और सभी लोगों की पहचान भी रखी गई है।
यह भी पढ़ें: 'मुझे राम मंदिर ट्रस्ट का CEO बनना था लेकिन', नियुक्ति पर पूर्व IPS ने उठाए सवाल
राजेश पांडे ने कहा क्या था?
IPS राजेश पांडे ने अपने हाल ही में दिए अपने इंटरव्यू में कहा है, 'मैं 16 लोगों में था जिसमें लगभग 8-9 लोग सेना के पूर्व अधिकारी थे।' जितेंद्र मिश्रा के बारे में सवाल पूछे जाने पर राजेश पांडे ने कहा था, 'रहे होंगे लेकिन जिस दिन हमारा इंटरव्यू था, उस दिन तो नहीं आए थे। उसके बाद से मुझसे कोई बात नहीं हुई। जिस दिन सर्च कमेटी ने इंटरव्यू खत्म किया उस दिन बताया कि 4 चरण में इंटरव्यू हुआ था। उन पर (जितेंद्र मिश्रा पर) कोई सवाल नहीं है।'
राजेश पांडे ने अपने ही इंटरव्यू में कहा था कि मीडिया में ऐसी बातें चलीं कि मैं शीर्ष 3 में हूं लेकिन इसकी कोई ऑथेंटिक जानकारी उन्हें नहीं है। अब इसी को लेकर उन्होंने अपने इंटरव्यू का एक क्लिप भी शेयर किया है और स्पष्टीकरण दिया है कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि वह शीर्ष 3 में हैं।
यह भी पढ़ें: 'दोबारा आने नहीं दूंगा', पहले ही दिन मीडिया पर क्यों भड़के राम मंदिर के CEO?
राम मंदिर ट्रस्ट ने क्या-क्या बताया?
- सर्च कमेटी ने 6 जुलाई 2026 को बनाई गई।
- सर्च कमेटी को कुल 5585 आवेदन मिले। AI और मैनुअल विशेषज्ञों की मदद से कई तरह से इन आवेदनों का मूल्यांकन किया गया।
- फेस-टू-फेस इंटरव्यू के लिए कुल 16 लोगों को चुना गया और इन लोगों को 11 और 12 अगस्त को अयोध्या बुलाया गया।
- एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा 11 अगस्त को दोपहर से पहले इंटरव्यू देने के लिए आए।
- सर्च कमेटी ने 1 सितंबर 2026 को अपनी अंतिम रिपोर्ट और रेकमेंडेशन सौंपदिया।
- तीन रेकमेंड हुए नाम थे: जितेंद्र मिश्रा, संजय प्रताप सिंह विश्वास राव और श्रुति भारद्वाज।
- इन्हीं तीन नामों का एलान औपचारिक तौर पर मीडिया से बातचीत में भी किया गया था।
- 2 सितंबर को CEO की नियुक्ति के लिए एलान किया गया।
बता दें कि जितेंद्र मिश्रा अब CEO का पद संभाल चुके हैं और राम मंदिर ट्रस्ट का कामकाज देख रहे हैं। इससे पहले वह लंबे समय तक भारतीय वायुसेना में काफी अहम भूमिका निभा चुके हैं। वह ऑपरेशन सिंदूर में अपने काम के लिए जाने जाते हैं।