logo

ट्रेंडिंग:

'जब पुलिस ने रोका तो मत जाते', अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर बोले रामभद्राचार्य

संत रामभद्राचार्य ने यूपी सरकार द्वारा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस दिए जाने को सही ठहराते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें जो नोटिस दिया है, वह बिल्कुल सही है।

avimukteshwaranand and Rambhadracharya

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और संत रामभद्राचार्य। Photo Credit- PTI

शेयर करें

संबंधित खबरें

Advertisement
Budget2

मध्य प्रदेश के ग्वालियर पहुंचे अध्यात्मिक गुरू रामभद्राचार्य ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर टिप्पणी की है। उनका यह बयान प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर चल रहे माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ पुलिसिया कार्रवाई और प्रशासन द्वारा 'शंकराचार्य' होने का प्रमाण मांगने के बीच आया है।

 

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर संत रामभद्राचार्य ने कहा, 'अन्याय उनके साथ नहीं हुआ है, उन्होंने अन्याय किया है। मैं जगद्गुरु हूं, वो तो अभी जगद्गुरु भी नहीं हैं। नियम यह है कि गंगा तट रथ से नहीं जाया जाता। जब पुलिस ने रोका था उनको, आप मत जाइए। हम लोग स्वयं संगम तक पैदल जाते हैं। अन्याय उन्होंने (अविमुक्तेश्वरानंद) किया था।'

 

यह भी पढ़ें: हवा में बंद हुआ इंजन और तालाब में जा गिरा प्लेन, पायलटों का क्या हुआ?

सरकार ने बिल्कुल ठीक किया- रामभद्राचार्य 

संत रामभद्राचार्य ने यूपी सरकार द्वारा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस दिए जाने को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें जो नोटिस दिया है, वह बिल्कुल सही है। रामभद्राचार्य ने अविमुक्तेश्वरानंद के शंकराचार्य पद को लेकर उठे सवालों पर भी बयान दिया और कहा कि अभी सुप्रीम कोर्ट ने शंकराचार्य तो नहीं बनाया।

 

 

 

धीरेंद्र शास्त्री के बयान का समर्थन

वहीं, बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के चार बच्चे पैदा करने और उन्हें अलग-अलग उद्देश्यों के लिए समर्पित करने वाले बयान से जुड़े सवाल पर संत रामभद्राचार्य ने कोई टिप्पणी करने से बचते हुए केवल इतना कहा कि ठीक है, आगे चलिए।

 

यह भी पढ़ें: विभाजनकारी 'डिक्सन प्लान' आखिर था क्या जिसके चक्कर में जेल गए थे शेख अब्दुल्ला?

 

अपने ग्वालियर प्रवास पर उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के एक बयान को लेकर भी टिप्पणी की। बयान में दिग्विजय सिंह ने कहा है कि ‘हिंदू’ शब्द भारतीय नहीं मानते हुए इसे फारसी बताया है। इसपर रामभद्राचार्य ने कहा कि दिग्विजय सिंह को शास्त्रों का कोई ज्ञान नहीं है। जब किसी को विषय की समझ ही नहीं है, तो उस पर क्या कहा जाए, उन्होंने सभ्यता और शास्त्रों का हवाला दिया।

Related Topic:#Magh Mela 2026

और पढ़ें

design

हमारे बारे में

श्रेणियाँ

Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies

CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap