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'जो ऐप न रखना चाहे, डिलीट कर ले,' संचार साथी विवाद पर ज्योतिरादित्य सिंधिया

संचार साथी ऐप की अनिवार्यता को लेकर संसद में हंगामा हो रहा है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने इसे गोपनीयता के लिे खतरा बताया है।

Jyotiraditya Scindia

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिधियां। (Photo Credit: PTI)

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संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन राज्यसभा और लोकसभा में संचार साथी ऐप का मुद्दा छाया रहा। दूर संचार विभाग ने मोबाइल फोन बनाने वाली कंपनियों को 90 दिनों के भीतर संचार साथी ऐप को अनिवार्य तौर पर प्री-इंस्टाल करने का आदेश दिया तो हंगामा बरप गया। यह हंगामा इतना बढ़ गया कि सदन की कार्यवाही तक प्रभावित होने लगी। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मुखर होकर संचार साथी ऐप का विरोध किया। अब विरोध के बाद खुद केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सफाई दी है कि यह ऐप अनिवार्य नहीं है, इसे हटाया या ब्लॉक किया जा सकता है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, 'मैं सभी गलतफहमियों को दूर करना चाहता हूं। यह हमारा कर्तव्य है कि हम इस ऐप को सभी को बताएं। इसे अपने डिवाइस पर रखना या न रखना यूजर पर निर्भर करता है। इसे किसी भी अन्य ऐप की तरह मोबाइल फोन से डिलीट किया जा सकता है।'

यह भी पढ़ें: संचार साथी ऐप से पेगासस जैसा खतरा क्यों? विपक्ष के डर की वजह समझिए

 

ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय संचार मंत्री:-
यह ऐप जासूसी या कॉल मॉनिटरिंग को सक्षम नहीं करता है। आप इसे अपनी इच्छा से एक्टिवेट या डीएक्टिवेट कर सकते हैं। अगर आप संचार साथी नहीं चाहते हैं तो आप इसे डिलीट कर सकते हैं। यह ऑप्शनल है। यह कस्टमर सुरक्षा के बारे में है। 

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह ऐप एच्छिक है, अगर किसी व्यक्ति को इस ऐप से ऐतराज है तो वह अपने फोन से इसे डिलीट कर सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष, संचार साथी ऐप के मुद्दे पर देश और सदन को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह जनभागीदारी का ऐप है, किसी की गोपनीयता में सेंध लागने का ऐप नहीं है। विपक्ष का एक धड़ा कह रहा है कि यह ऐप, पेगासस स्पाईवेयर जैसा है, जिसकी मदद से सरकार हम पर नजर रख रही है।

यह भी पढ़ें: क्या है संचार साथी ऐप जिसे हर नए फोन के लिए अनिवार्य कर रही सरकार?

'विपक्ष मुद्दे ढूंढ रहा है, हम कुछ नहीं कर सकते हैं'

ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय संचार मंत्री:-
'जब विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है और विपक्ष मुद्दा ढूंढना चाहता है तो हम उनकी मदद नहीं कर सकते। हमारा कर्तव्य है कि हम उपभोक्ताओं की मदद करें और उन्हें सुरक्षा दें। संचार साथी एक ऐप और पोर्टल है जिसके आधार पर हर उपभोक्ता अपनी सुरक्षा अपने हाथों से कर पाता है। यह जनभागीदारी का एक कदम है लोगों को इसका विरोध नहीं बल्कि स्वागत करना चाहिए।'

संचार साथी पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने क्या कहा?

केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'संचार साथी पोर्टल के 20 करोड़ डाउनलोड हैं और ऐप के 1.5 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड हैं। संचार साथी ने लगभग 1.75 करोड़ धोखाधड़ी वाले मोबाइल कनेक्शनों को डिस्कनेक्ट करने में सक्षम बनाया है। लगभग 20 लाख चोरी हुए फ़ोन ट्रेस किए गए हैं। लगभग 7.5 लाख चोरी हुए फोन उनके मालिकों को सौंप दिए गए हैं, यह सब संचार साथी की वजह से हुआ है।' 


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