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सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: हर सवाल का जवाब, जो आप जानना चाहते हैं

दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत ढहने की वजह से कई लोग मारे गए। हादसे के बाद मकान मालकिन उर्मिला गुप्ता, पति हरिराम और बेटे महेश को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

Satya Niketab Building Collapse

सत्य निकेतन हादसे के खिलाफ धरना देते छात्र। Photo Credit: PTI

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दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे एक बड़ा हादसा हुआ। एक पेइंग गेस्ट के तौर पर इस्तेमाल होने वाली इमारत अचानक ढह गई, जिसमें कम से कम 7 छात्रों की मौत हो गई, वहीं 12 लोग गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती हैं। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को बताया कि इस मामले में इमारत की मालकिन उर्मिला गुप्ता, उनके पति हरिराम गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने पहले हरिराम गुप्ता को इमारत का मालिक बताया था, लेकिन जांच में सामने आया कि संपत्ति असल में उर्मिला गुप्ता के नाम पर है। 

इमारत का प्रबंधन और संचालन हरिराम गुप्ता और उनके बेटे महेश ही देख रहे थे। हरिराम गुप्ता भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त सार्जेंट हैं और इमारत की दो मंजिलों के बिजली कनेक्शन उनके नाम पर हैं। पुलिस के मुताबिक, हादसे के समय हरिराम गुप्ता गुरुग्राम में थे। घटना के तुरंत बाद उन्हें एक परिचित का फोन आया, जिसने उन्हें हादसे की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और शहर छोड़कर छिप गए।

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पुलिस ने जारी करना पड़ा लुक आउट सर्कुलर

पुलिस टीम उनसे संपर्क नहीं कर पाई। इसके बाद उनका पता लगाने और उन्हें देश छोड़ने से रोकने के लिए लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया। पुलिस ने आसपास के राज्यों और हवाई अड्डों के साथ भी उनका विवरण साझा किया। दिल्ली पुलिस ने हरिराम गुप्ता का पता लगाने के लिए 10 टीमें बनाईं। इन टीमों में दक्षिण पश्चिम जिले, स्पेशल स्टाफ और अन्य पुलिस यूनिट के कर्मी शामिल थे। टीमों को राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भेजा गया। तलाश में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त रैंक के अधिकारी कर जुटे थे। हरिराम गुप्ता को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया गया।

बचाव अभियान पूरा, अब किसकी है तलाश?

दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मिलकर करीब 27 घंटे तक खोज और बचाव अभियान चलाया। दिल्ली अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से सारा मलबा हटा दिया गया है और उसमें कोई और व्यक्ति दबा नहीं मिला। शाम 5 बजकर 10 मिनट पर बचाव अभियान बंद कर सभी टीमें वापस बुला ली गईं। पुलिस अन्य आरोपियों को तलाश रही है।

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हादसे के बाद सरकार ने क्या सीखा?

मृतकों के परिजनों को उनके शव सौंप दिए गए हैं। पुलिस ने बताया कि महेश गुप्ता हार्डवेयर और पेंट की दुकान चलाता है और उसके दो बच्चे हैं। अब पुलिस PG संचालकों और श्रमिक ठेकेदार की तलाश कर रही है। इनकी भूमिका की भी जांच होगी और उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

मकान मालिक क्यों फंसा?

पुलिस ने साउथ कैंपस थाने में हरिराम गुप्ता और अन्य आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, इमारत के रखरखाव में लापरवाही और दूसरों की सुरक्षा को खतरे में डालने का मामला दर्ज किया है।

कहां है सत्य निकेतन?

सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास है। यहां कई हॉस्टल है। वेंकटेश्वर कॉलेज, आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज और मोतीलाल नेहरू कॉलेज के छात्र यहां रहते हैं। हादसे के वक्त इमारत में कई छात्र मौजूद थे।

Delhi Satya Niketan
घटनास्थल से मलबा साफ करते कर्मचारी। Photo Credit: PTI

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दिल्ली सरकार क्या कर रही है?

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रविवार को मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। सोमवार को उन्होंने राज्य मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के साथ दोबारा स्थल का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने सख्त कार्रवाई का वादा किया।

किन लोगों पर गाज गिरी है?

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को बताया कि नगर निगम दिल्ली (MCD) के कई अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इनमें डिप्टी कमिश्नर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। इमारत के मालिक हरिराम गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है।

हादसे के बाद जागी सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?

हादसे के बाद पूरे दिल्ली में अनधिकृत 5वीं मंजिल वाली इमारतों को सील करने का आदेश दिया गया है। सत्य निकेतन के आसपास के पीजी और अन्य इमारतों की भी गहन जांच शुरू कर दी गई है। उल्लंघन पाए जाने पर सीलिंग समेत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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अब सरकार कौन से कदम उठाने वाली है?

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सोमवार को अधिकारियों को पूरे शहर के पीजी आवासों की जांच करने का निर्देश दिया। खासकर उन इमारतों पर ध्यान देने को कहा गया है जहां ऊंचाई और मंजिलों की निर्धारित सीमा का उल्लंघन होने का संदेह है। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि पीजी हब की हर इमारत का स्ट्रक्चरल ऑडिट सात दिनों के अंदर पूरा किया जाए।

कौन से वादे किए गए हैं?

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा है कि जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस उपायुक्त और एमसीडी डिप्टी कमिश्नर की समितियां छात्रों से सीधे संपर्क करेंगी और उनकी समस्याओं को सुनेंगी। छात्रों का व्यापक डेटाबेस भी तैयार किया जाएगा। 

क्या एक और सीलिंग की तैयारी में है सरकार?

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि बिना सोचे-समझे सीलिंग अभियान चलाने से छात्रों के बेघर होने का खतरा बढ़ सकता है। जांच उन्हीं परिसरों में की जाए जहां छात्रों के रहने वाले पीजी में ऊंचाई और मंजिल संबंधी नियमों का स्पष्ट उल्लंघन दिख रहा हो। अधिकारियों के अनुसार ढही हुई इमारत 40 से 50 साल पुरानी थी। 

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हादसे पर लोग क्या कह रहे हैं?

स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में कुछ निर्माण कार्य चल रहा था। पुरानी इमारत में अतिरिक्त निर्माण और नियमों की अनदेखी को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है। 

मुख्यमंत्री क्या भरोसा दे रहीं हैं?

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। छात्रों की सुरक्षा के लिए प्रशासन अब पीजी आवासों की नियमित जांच और ऑडिट पर जोर दे रहा है। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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