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सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ा, फिर भी सरकार की चिंता खत्म नहीं, वजहें समझिए

सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को अपना अनशन खत्म कर दिया है। क्या कॉकरोच जनता पार्टी अब आंदोलन खत्म करेगी? पढ़ें रिपोर्ट।

CJP Protest

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, जंतर मंतर के धरनास्थल पर। Photo Credit: CJP/X

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एलान किया है कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तब तक जंतर मंतर पर जारी आंदोलन खत्म नहीं होगा। जंतर मंतर पर NEET -UG पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान हर हाल में इस्तीफा दें।
राहुल गांधी ने कहा कि इंडिया गठबंधन के नेता छात्रों के साथ खड़े हैं। गुरुवार को राहुल गांधी समेत कई विपक्षी सांसद गांधी स्मृति पहुंचे और पेपर लीक की वजह से आत्महत्या करने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि दी। अब कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा है कि इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। सरकार की मुश्किलें, सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने के बाद भी खत्म नहीं हुईं हैं। 

यह भी पढ़ें: पेपर लीक पर देर रात PM मोदी ने जारी किया वीडियो मैसेज, आज कैबिनेट में होगा फैसला

 

अभिजीत दीपके , संस्थापक, कॉकरोच जनता पार्टी:-
सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। आपकी जबरदस्त हिम्मत और कुर्बानी के लिए धन्यवाद। अपनी जान जोखिम में डालकर, आपने पूरे देश की चेतना जगाई। हम आपका संघर्ष व्यर्थ नहीं जाने देंगे। आपकी जान इस देश के लिए बहुत कीमती है। कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।

सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म किया

सोनम वांगचुक ने 26 दिन की भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। अस्पताल में केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उन्होंने भूख हड़ताल तोड़ी। सरकार ने पेपर लीक पर संसद में चर्चा और छात्रों के परिवारों को मुआवजे का आश्वासन दिया है।

 

 

क्या खत्म हो गया है CJP का आंदोलन?

CJP नेता अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन तब तक चलेगा जब तक मंत्री इस्तीफा नहीं देते। अभिजीत दीपके ने देशव्यापी प्रदर्शन की अपील की है। अब कॉकरोच जनता पार्टी की आंदोलन शहर-शहर पहुंच रहा है। पहले पटना और अब यह आंदोलन बढ़कर देश के महानगरों की ओर फैल गया है। सरकार पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का दबाव बढ़ता जा रहा है। 

 

 

केंद्र सरकार को क्या कदम उठाना पड़ा है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात वीडियो संदेश में कहा कि शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाने पर चर्चा होगी। यह बिल अगले हफ्ते संसद में पेश किया जाएगा। राहुल गांधी ने इसे 'मिडनाइट वीडियो' बताते हुए कहा कि पहले प्रधान का इस्तीफा लिया जाए।

यह भी पढ़ें: 'छात्रों को सड़कों पर देखना दर्दनाक', CJP के समर्थन में आए मुरली मनोहर जोशी

आंदोलन के बीच दिल्ली किस हाल में है?

दिल्ली में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। केंद्रीय दिल्ली में इंटरनेट सेवा बंद है और 17 मेट्रो स्टेशन सुबह 7:30 बजे से बंद रखे गए हैं। पुलिस ने कई छात्रों को सुरक्षा के मद्देनजर हिरासत में लिया है। बुधवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए।

CJP की प्रदर्शनकारियों से अपील क्या है?

CJP ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने की अपील की है। आंदोलन अब सिर्फ मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं रहने वाला है, बल्कि बड़े स्तर पर फैल सकता है। सरकार ने कहा है कि वह छात्रों से बात करने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष मांग कर रहा है कि मंत्री इस्तीफा दें तब जाकर चर्चा हो। गुरुवार रात उच्च शिक्षा विभाग के नए सचिव नरेश पाल गंगवार की नियुक्ति की गई थी। पुराने सचिव विनीत जोशी को पंचायती राज विभाग में ट्रांसफर कर दिया गया था।


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