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'कौन असली कौन नकली संत', अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी पर उठा दिए सवाल

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हमें यह पहचानने की जरूरत है कि असली संत कौन है और नकली संत कौन? उन्होंने योगी आदित्यनाथ पर सच्चा हिंदू साबित करने का भी आरोप लगाया था।

yogi adityanath and Avimukteshwarnand

योगी आदित्यनाथ और अविमुक्तेश्वरानंद । Photo Credit: Social Media

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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संन्यासी होने की योग्यता पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि राज्य के सबसे बड़े हिंदू नेता जो भगवा वस्त्र पहनते हैं, वह राज्य सरकार से वेतन (सैलरी) क्यों लेते हैं?

 

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उन्नाव में कहा कि संन्यासी को सांसारिक सुख-लाभ छोड़ देना चाहिए और अहिंसा का पालन करना चाहिए। उन्होंने योगी आदित्यनाथ का जिक्र करते हुए कहा कि माघ मेले में योगी जी ने 'कालनेमि' का ज़िक्र किया था। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, 'अगर कोई कहता है कि सबसे बड़े धार्मिक आयोजन माघ मेले में कालनेमि घुस आया है, तो हमें यह पहचानने की जरूरत है कि कौन असली संत है और नकली संत।’

 

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योगी के वेतन पर उठाए सवाल

जब जांच शुरू हुई तो सबसे पहले राज्य के सबसे बड़े हिंदू नेता योगी आदित्यनाथ पर ध्यान गया। उनकी जांच में पता चला कि वह उत्तर प्रदेश सरकार से वेतन और भत्ते लेते हैं। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यह संन्यास के नियमों के खिलाफ है।

 

उन्होंने पहले योगी जी को 40 दिन का समय दिया था कि वे खुद को सच्चा हिंदू साबित करें। अब तक 38 दिन बीत चुके हैं। उन्होंने कहा, 'दो दिन में हम नैमिषारण्य से गुजरते हुए लखनऊ पहुंचेंगे, तब असली और नकली की पहचान साफ हो जाएगी।’

गौ धर्म युद्ध यात्रा क्यों?

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती वर्तमान में वाराणसी से लखनऊ तक 'गौ धर्म युद्ध' यात्रा पर हैं। यह यात्रा 7 मार्च को शुरू हुई और 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेगी। वहां वह 'धर्म युद्ध' की औपचारिक घोषणा करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में गायों की संख्या हाल के वर्षों में घटी है। पशु गणना के अनुसार 2012 से अब तक लगभग 18-19 लाख गायें कम हुई हैं, जबकि बीफ निर्यात बढ़ रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि बीफ निर्यात से जुड़ी कंपनियों ने बीजेपी को चंदा दिया है।

 

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पूछा, 'क्या गौ भक्तों के वोट और गौ हत्या से जुड़े लोगों के पैसे एक ही थैली में रखे जा सकते हैं?' उन्होंने कहा कि यह यात्रा गौ माता की रक्षा के लिए 'शंखनाद' है। बीजेपी को गौ रक्षा के मुद्दे पर हमारा समर्थन मिला था लेकिन अब लोगों का धैर्य खत्म हो रहा है। गौ रक्षा का सवाल टाला नहीं जा सकता।

 

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चुनाव से कोई लेना-देना नहीं

अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उनकी यात्रा का अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से कोई संबंध नहीं है। नागरिकों को सत्ता में बैठे लोगों से सवाल पूछने का हक है। सिर्फ वोट देने तक अधिकार सीमित नहीं है। हमने वोट दिया, इसलिए बाद में भी सवाल पूछ सकते हैं।

आशुतोष ब्रह्मचारी ने लगाया था आरोप

आशुतोष ब्रह्मचारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर दो नाबालिगों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया था और ट्रेन में हमले की बात कही थी। अविमुक्तेश्वरानंद ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि जो फोटो दिखाए गए, उसे देख के लगता है कि स्टेज्ड हैं ताकि सहानुभूति मिले या यात्रा से ध्यान हटे। उन्होंने कहा कि POCSO केस कोर्ट में है, वहां कानूनी जवाब देंगे।

 

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उन्होंने कहा, ‘राज्य सरकार को अगर जरूरत हो तो अशुतोष ब्रह्मचारी को सुरक्षा देनी चाहिए। हमले की कोई जरूरत नहीं, आरोप कानूनी तरीके से कोर्ट में सुलझ रहे हैं। यह विवाद माघ मेले से शुरू हुआ था और अब गौ रक्षा के मुद्दे पर तेज हो गया है। अविमुक्तेश्वरानंद 11 मार्च को लखनऊ में बड़ा ऐलान करने वाले हैं।’


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