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एयर शो में तेजस कैसे क्रैश हो गया? डिफेंस एक्सपर्ट ने बताई वजह

दुबई एयर शो में तेजस विमान क्रैश हो गया था, जिसमें वायुसेना के विंग कमांडर नमांश स्याल की मौत हो गई। इस हादसे की जांच के लिए इन्क्वायरी कमेटी बनाई जा रही है।

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क्रैश के बाद विमान में आग लग गई थी। (Photo Credit: PTI)

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दुबई एयर शो में शुक्रवार को भारतीय वायुसेना का तेजस विमान क्रैश हो गया था। इस दुर्घटना में विंग कमांडर नमांश स्याल की मौत हो गई। यह विमान क्रैश कैसे हुआ? इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। हालांकि, वायुसेना से रिटायर्ड कैप्टन अनिल गौर का अंदाजा है कि यह हादसा पायलट का नियंत्रण खो जाने या ग्रेविटी से पैदा होने वाले भारी जी-फोर्स की वजह से पायलट का ब्लैकआउट हो जाने की वजह से हुआ हो सकता है। 


एयर शो के दौरान तेजस ने जैसे ही टेकऑफ किया, उसके कुछ मिनटों बाद ही वह जमीन पर आ गिरा। गिरने के बाद विमान में आग लग गई। जमीन पर टकराते ही आग और धुएं का गुबार उठा। 


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने इस दुर्घटना पर शोक जताया है। वायुसेना ने बताया कि हादसे की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित की जा रही है। 

 

यह भी पढ़ें-- कौन थे विंग कमांडर नमांश स्याल, जिनकी दुबई में तेजस क्रैश में हो गई मौत?

क्या हुआ होगा?

हादसा कैसे और क्यों हुआ? इसकी सही वजह तो जांच में ही सामने आएगी। हालांकि, रिटायर्ड कैप्टन अनिल गौर ने कुछ आशंकाएं जताई हैं, जिस कारण यह दुर्घटना हुई होगी।


उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा 'विजुअल्स देखकर ऐसा लग रहा है कि एयरक्राफ्ट ने एरोबेटिक्स के दौरान नियंत्रण खो दिया, या फिर ब्लैकआउट हो गया। ब्लैकआउट का मतलब है- बहुत ज्यादा ग्रेविटेशनल फोर्स लगना।'


ज्यादा जी-फोर्स लगने से खून शरीर के निचले हिस्से में जमा हो जाता है, जिससे पायलट बेहोश (ब्लैकआउट) हो सकता है।

 

 

कैप्टन अनिल गौर ने कहा, 'पायलट जी-सूट पहनते हैं ताकि तेज जी-फोर्स में भी खून पैरों में न जमा हो जाए। हो सकता है जी-सूट में कोई दिक्कत आई हो। ठीक-ठीक क्या हुआ, ये तो कॉकपिट डेटा आने के बाद ही पता चलेगा।'


उन्होंने इस दुर्घटना में विंग कमांडर नमांश स्याल की मौत पर दुख जताते हुए कहा, 'बहुत दुख की बात है कि दुबई एयर शो में हमारा तेजस जेट क्रैश हो गया और हमारा बहादुर पायलट शहीद हो गया।'

 

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कौन थे विंग कमांडर नमांश स्याल?

विंग कमांडर नमांश स्याल 2009 में वायुसेना में शामिल हुए थे। वह हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के रहने वाले थे। उनकी पत्नी भी वायुसेना में अफसर हैं। उनकी एक 6 साल की बेटी भी है। उन्होंने सुजानपुर के सैनिक स्कूल से पढ़ाई पूरी की है।


उनके माता-पिता अभी तमिलनाडु में कोयंबटूर के पास सुलूर एयर फोर्स स्टेशन पर हैं। उनकी पत्नी कोलकाता में हैं। उनके पिता जगन्नाथ स्याल ने भारतीय सेना की मेडिकल कोर में काम किया है।

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