logo

ट्रेंडिंग:

'6 राज्यों के ब्राह्मण हमारे साथ...', किस ओर इशारा कर रहे अलंकार अग्निहोत्री?

यूजीसी नियमों और शंकराचार्य के अपमान के विरोध में पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है।

Alankar Agnihotri

अलंकार अग्निहोत्री। Photo Credit: Social Media

शेयर करें

संबंधित खबरें

Advertisement
Budget2

बरेली के निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने कहा है कि 5 राज्यों के ब्राह्मण समुदाय के लोग उनके संपर्क में हैं। यूजीसी नियमों पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि कई चुने हुए नेताओं ने भी इस पर चिंता जताई है। अग्निहोत्री ने कहा कि भारत सरकार के राजपत्र में 13 जनवरी 2026 को प्रकाशित यूजीसी नियम देश के लिए अत्यधिक हानिकारक साबित होंगे।

 

इसके अलावा उन्होंने उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि राज्य में संवैधानिक मशीनरी पूरी तरह विफल हो चुकी है और सरकार एक विशेष विचारधारा के साथ काम कर रही है। अलंकार अग्निहोत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री से अपील की है कि वे उत्तर प्रदेश के राज्यपाल से तत्काल रिपोर्ट प्राप्त करें और यहां राष्ट्रपति शासन लागू कर संवैधानिक व्यवस्था को बहाल करें।

यह भी पढ़ेंः 'रोयां-रोयां उखाड़ लो...', BJP के अपने भी UGC नियमों के खिलाफ, बढ़ रही मुश्किल

6 राज्यों के ब्राह्मण संपर्क में

अलंकार अग्निहोत्री ने एक बयान में कहा, ‘विभिन्न संगठनों और ब्राह्मण समुदायों के लोग हमारे छह राज्यों से संपर्क में हैं। कई लोग, जिनमें निर्वाचित प्रतिनिधि भी शामिल हैं, ने चिंता जताई है कि भारत सरकार के राजपत्र में 13 जनवरी 2026 को प्रकाशित यूजीसी नियम देश के लिए अत्यधिक हानिकारक साबित होंगे। इसके अलावा, सभी संगठन महाकुंभ मेला में सनातन संस्कृति के अपमान, विशेष रूप से ब्राह्मण समुदाय के अपमान के मुद्दे का समर्थन कर रहे हैं। हम सभी एकजुट हैं और अपनी समुदाय के लिए लड़ाई जारी रखेंगे।’

 


उन्होंने कहा, ‘संवैधानिक मशीनरी विफल हो चुकी है। सरकार एक विशेष विचारधारा से काम कर रही है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री और गृह मंत्री अमित शाह से संयुक्त रूप से अपील करता हूं कि वे उत्तर प्रदेश के राज्यपाल से तत्काल रिपोर्ट प्राप्त करें और यहां राष्ट्रपति शासन लागू कर विफल संवैधानिक मशीनरी को हटा दें।’

दिया था इस्तीफा

यह बयान ऐसे समय में आया है जब अलंकार अग्निहोत्री ने गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2026) के मौके पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इस्तीफे का कारण सरकार की नीतियों से गहरी असहमति बताया था, विशेष रूप से नए यूजीसी नियमों को उन्होंने ‘काला कानून’ करार दिया। इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया। निलंबन के बाद उन्होंने डीएम कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को दोहराया।

 

यूजीसी के नए नियमों का नाम है ‘यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस) रेगुलेशंस, 2026’। ये नियम 13 जनवरी 2026 को राजपत्र में प्रकाशित हुए। इनका मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में धर्म, जाति, लिंग, जन्म स्थान या विकलांगता के आधार पर भेदभाव को समाप्त करना है। विशेष रूप से अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के खिलाफ जाति-आधारित भेदभाव पर रोक लगाई गई है। 

सेंटर स्थापित करना होगा

नियमों के तहत सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में इक्वल ऑपर्च्युनिटी सेंटर स्थापित करना अनिवार्य है, जहां शिकायतें दर्ज की जा सकें। इक्विटी हेल्पलाइन 24 घंटे चालू रहेगी और शिकायतों की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। उल्लंघन पर संस्थानों पर जुर्माना, डिग्री कार्यक्रमों से वंचित करना या यूजीसी सूची से हटाने जैसी सख्त सजा का प्रावधान है।

 

हालांकि, सामान्य वर्ग और ब्राह्मण समुदाय के कुछ लोग इन नियमों को 'सामान्य वर्ग का विरोधी' मान रहे हैं। उनका आरोप है कि ये नियम आरक्षण और समानता के नाम पर सामान्य वर्ग के छात्रों और शिक्षकों के साथ अन्याय करेंगे। अलंकार अग्निहोत्री ने इन्हें देश के लिए हानिकारक बताया है।

शंकराचार्य का किया था अपमान

दूसरा प्रमुख मुद्दा प्रयागराज में माघ मेला 2026 के दौरान ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ कथित अपमान का है। मेले के प्रशासन पर आरोप है कि उन्होंने शंकराचार्य की वैधता पर सवाल उठाए, नोटिस जारी किए और उन्हें उचित सम्मान नहीं दिया। कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि मेला प्रशासन ने उन्हें 'असली या नकली' शंकराचार्य बताकर विवाद खड़ा किया। इस घटना से ब्राह्मण और सनातनी संगठन आक्रोशित हैं। अलंकार ने इसे सनातन संस्कृति और ब्राह्मण समुदाय के अपमान के रूप में देखा है।

 

यह भी पढ़ें: UGC के एक नियम से मची खलबली, आखिर ऐसा क्या बदलाव हो गया?

 

अलंकार अग्निहोत्री 2019 बैच के प्रांतीय सिविल सेवा अधिकारी हैं। उनके इस कदम ने उत्तर प्रदेश में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। उनका कहना है कि कई संगठन उनके समर्थन में आ रहे हैं और ब्राह्मण समुदाय में असंतोष बढ़ रहा है। केंद्र सरकार की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यह मामला यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार के लिए भी चुनौती बनता हुआ दिख रहा है।

Related Topic:#UGC

और पढ़ें

design

हमारे बारे में

श्रेणियाँ

Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies

CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap