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DUSU चुनाव में नियमों की धज्जियां उड़ी, HC नाराज, विजय जुलूस पर रोक लगाई

दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव के लिए आज मतदान हो रहा है। इस बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने नियमों के उल्लंघन पर सख्त टिप्पणी की है।

DUSU election campaigning

DUSU चुनाव प्रचार, Photo Credit: PTI

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दिल्ली यूनिवर्सिटी में आज छात्र संघ चुनाव हो रहे हैं और छात्र अपने प्रतिनिधियों के लिए वोट कर रहे हैं। कल इन चुनावों के नतीजों की घोषणा होगी लेकिन इस बीच दिल्ली हाई कोर्ट में इन चुनावों में हो रहे नियमों के उल्लंघन और हिंसा को लेकर सुनवाई हो रही है। कोर्ट ने DUSU चुनाव में लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों और अदालती आदेशों के कथित खुलेआम उल्लंघन पर शुक्रवार को कड़ी नाराजगी जताई। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने कहा यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई के बावजूद कैंपस और उसके आसपास नियम तोड़े जा रहे हैं। 


इस मामले में हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार से रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही हाई कोर्ट की बेंच ने  DUSU चुनाव 2026-27 के चीफ इलेक्शन ऑफिसर की स्टेटस रिपोर्ट का भी संज्ञान लिया। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ उम्मीदवारों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि यूनिवरस्टिी प्रशासन और पुलिस की मौजूदा कार्रवाई से नियमों के उल्लंघनों को नहीं रोका जा सका। 

 

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140 उम्मीदवारों को नोटिस

इस मामले में कोर्ट ने छात्रसंघ के सभी 4 पदों के लिए चुनाव लड़ रहे सभी 140 उम्मीदवारों की लिस्ट मांगी है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि इन सभी उम्मीदवारों को कोर्ट नोटिस जारी करेगा। कोर्ट ने कहा, 'सभी छात्र संगठनों और उम्मीदवारों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं ताकि वे कारण बता सकें कि उन पर चुनावी नुकसान के लिए जुर्माना क्यों न लगाया जाए।' इसके साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता को नियमों के उल्लंघनों को साबित करने वाले संबंधित रिकॉर्ड और डॉक्यूमेंट जुटाने का निर्देश दिया है। इसे जमा करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है। 

हिंसा पर सख्त कोर्ट

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव के दौरान हिंसा की घटनाओं को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, 'अगर कोई हाथ उठा रहा है या हथियार लहरा रहा है तो क्या उसे छात्र कहा जा सकता है।' कोर्ट ने दिल्ली पुलिस पर भी सवाल उठाए। 

जीत के बाद जुलूस पर रोक

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे लेकिन कोर्ट ने नतीजों के बाद जुलूस निकालने पर रोक लगा दी है। पिछले अनुभवों को देखते हुए कोर्ट ने निर्देश दिया कि परिणाम घोषित होने के बाद उम्मीदवार या छात्र कोई विजय जुलूस नहीं निकालेंगे। यह रोक दिल्ली की सड़कों के साथ-साथ DU कैंपस और हॉस्टलों पर भी लागू होगी। इस मामले में कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं कि जीत के बाद कोई भी जुलूस ना निकाल सके। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई आदेश के बावजूद विजय जुलूस निकालता है तो उस पर प्रशासनिक, क्रिमिनल कार्रवाई औक कोर्ट की अवमानना का केस चलाया जाएगा। 

 

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गाड़ियों पर उठाए सवाल

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में मंहगी गाड़ियों को लेकर भी कोर्ट ने टिप्पणी की है। कोर्ट ने सवाल किया कि छात्रों के पास ये गाड़ियां आ कहां से रही हैं। इसके साथ ही बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों को लेकर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए। दिल्ली पुलिस ने बताया कि उन्होंने कई गाड़ियों को सीज किया है। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि आप कुछ दिनों में उन्हें छोड़ देंगे। कोर्ट ने गाड़ियों के काफिलों को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां दूसरे छात्रों के बीच डर और दबदबे का माहौल बनाती हैं। 

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