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'CM और सरकारों से कहेंगे कि हमें सौंप दो', एक और मंदिर आंदोलन करेगा VHP?

विश्व हिंदू परिषद ने एक और मंदिर आंदोलन शुरू करने के संकेत दिए हैं। VHP का कहना है कि इस बार मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से निकालकर हिंदू समाज को सौंपने के लिए आंदोलन होगा।  

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: ChatGPT

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1980 के दशक में शुरू हुए राम मंदिर आंदोलन ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जबरदस्त उभार दिया था। भले ही सत्ता बीजेपी को मिली लेकिन इसके पीछे मुख्य भूमिका विश्व हिंदू परिषद (VHP) की थी। अब हिंदू धर्मस्थलों के सरकारी नियंत्रण का मुद्दा उठाते हुए विश्व हिंदू परिषद ने एक और 'मंदिर आंदोलन' शुरू करने की बात कही है। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने गुरुवार को कर्नाटक के मेंगलुरु में कहा कि आने वाले समय में मुख्यमंत्रियों और सरकारों से कहा जाएगा कि वे हिंदू धर्म के मंदिरों को वापस कर दें। उनका कहना है कि इसके लिए जितना बड़ा आंदोलना करना होगा, उतना करेंगे और राम मंदिर आंदोलन की तरह सफलता हासिल की जाएगी। 

 

VHP के मुखिया आलोक कुमार ने बीते कुछ दिनों में राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर विपक्षी दलों के प्रदर्शनों की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने ही इन गड़बड़ियों पर एफआईआर करवाई और विशेष जांच दल (SIT) बनवाने की मांग की। उन्होंने संसद में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के उस ऐक्ट की आलोचना की जिसमें वह साधु बनकर चंदा चोरी करते दिखे थे। इस पर आलोक कुमार ने कहा कि ये लोग सनातन धर्म का अपमान कर रहे हैं और आगामी चुनाव में इसका करारा जवाब दिया जाएगा। 

 

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विश्व हिंदू परिषद का प्लान क्या है?

उनका कहना है कि आने वाले दिनों में विधायकों, सांसदों, मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों से मुलाकात करके उन्हें ज्ञापन सौंपा जाएगा और मांग की जाएगी कि मंदिरों को हिंदू समाज को लौटा दिया जाएगा। साथ ही, इस आंदोलन के पक्ष में जन समर्थन जुटाने के लिए देश के अलग-अलग शहरों में मशहूर हस्तियों के कार्यक्रम करवाए जाएंगे।

 

आलोक कुमार ने इस बारे में अपनी बात रखते हुए कहा है, 'सरकार मस्जिद नहीं चलाती, गुरुद्वारा नहीं चलाती, चर्च नहीं चलाती, जैन आश्रम और बौद्ध मठ नहीं चलाती तो वह मंदिर क्यों चलाती है? मंदिर का पैसा क्यों अपने खजाने में जमा करती है? ऑडिट फीस के नाम पर अलग से पैसा लेती है और वहां एक CEO बिठाकर उस बाबू की तनख्वाह और बाकी चीजें भी मंदिर की आय में से ही लेती है। विश्व हिंदू परिषद ने यह मामला पूरे देश में उठाने का तय किया है।'

 

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उन्होंने आगे कहा है, 'आने वाले समय में हम सभी मुख्यमंत्रियों और सरकारों को कहेंगे कि अब समय ऐसा आ गया है कि आपको हमारे मंदिर हमको वापस करने पड़ेंगे। जिस स्तर का आंदोलन चाहिए, जितना बड़ा आंदोलन चाहिए, वह आंदोलन करके और जिस तरह VHP ने राम जन्मभूमि के संघर्ष में सफलता पाई, राम सेतु के संघर्ष में सफल पाई। जैसे समान नागरिक संहिता अब देश के अधिकांश राज्यों में बन रही है, गोरक्षा का कानून अधिकांश राज्यों में बन गया और मजबूत हो रहा है, वैसे ही हम मंदिरों की मुक्ति के के लिए संघर्ष करेंगे। हम इस पर काम करेंगे कि भारत सरकार हमारे मंदिरों को हमें वापस सौंपे।' 


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