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कश्मीर-हिमाचल में बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी

मौसम विभाग के अनुसार, 22–23 जनवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश या बर्फबारी और कुछ स्थानों पर ज्यादा बारिश की संभावना जताई गई है। इसका असर उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी दिखेगा, जहां बारिश हो सकती है।

Snowfall in Spiti

स्पीति में बर्फबारी, Photo Credit- PTI

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देश में आने वाले कुछ दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। इसका सबसे अधिक असर हिमालयी क्षेत्रों में रहेगा, जिसका प्रभाव मैदानी इलाकों तक भी महसूस किया जाएगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, एक तीव्र पश्चिमी विक्षोभ के कारण 22 और 23 जनवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी होने की संभावना है। वहीं कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।

 

इस दौरान कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। इसके अलावा एक और तीव्र पश्चिमी विक्षोभ 26 से 28 जनवरी के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को प्रभावित कर सकता है।

 

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पिछले 24 घंटे का मौसम हाल

पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी 200 मीटर से भी कम दर्ज की गई। पंजाब में बठिंडा (0 मीटर), अमृतसर और लुधियाना (50 मीटर) जबकि हरियाणा में हिसार (20 मीटर), भिवानी (10 मीटर), करनाल (30 मीटर) और नारनौल (100 मीटर) में विजिबिलिटी बेहद कम रही। वहीं हिमाचल प्रदेश और पंजाब के कुछ इलाकों में शीत लहर से लेकर भीषण शीत लहर की स्थिति बनी रही, जबकि उत्तराखंड के कुछ छिटपुट क्षेत्रों में पाला पड़ने की खबर है।

ठंड का हाल

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 1 से 4 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ स्थानों पर भी इसी तरह की ठंड रही। वहीं पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान 5 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पश्चिमी राजस्थान, मध्य प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और मिजोरम के कुछ इलाकों में भी यही स्थिति देखने को मिली। देश के बाकी हिस्सों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहा, हालांकि पश्चिमी हिमालय क्षेत्र के ऊंचाई वाले इलाकों में यह शून्य डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।

न्यूनतम तापमान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, मध्य भारत और उससे सटे पश्चिमी भारत, हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय में सामान्य से 2 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। वहीं हरियाणा, ओडिशा, तेलंगाना, रायलसीमा, तटीय कर्नाटक और तमिलनाडु में यह सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। देश के शेष हिस्सों में तापमान लगभग सामान्य बना रहा। भारत के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस आदमपुर (पंजाब) में रिकॉर्ड किया गया।

 

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आगे कैसा रहेगा मौसम

अगले दो दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। इसके बाद तापमान में फिर 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। मध्य भारत के कई हिस्सों में अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। इसके बाद के दो दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है और फिर 2 से 4 डिग्री सेल्सियस बढ़ने की संभावना है।

 

वहीं महाराष्ट्र में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, इसके बाद इसमें कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। गुजरात में अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान लगभग स्थिर रहने की संभावना है। इसके बाद के दो दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है और फिर 2 से 4 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है। देश के बाकी हिस्सों में न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

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