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टैंकरों पर फायरिंग, राजदूत तलब; भारत और ईरान के बीच अब तक क्या-क्या हुआ?

भारत और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। शनिवार को आईआरजीसी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भारतीय तेल टैंकरों को निशाना बनाकर फायरिंग की थी। इस पर भारत ने तेहरान के सामने कड़ी आपत्ति जताई।

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फाइल फोटो। (Photo Credit: PTI)

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो तेल टैंकरों पर फायरिंग के बाद भारतीय जहाजों को अपना रास्ता बदलना बड़ा। बिना चेतावनी आईआरजीसी की इस कार्रवाई के बाद भारत और ईरान के के बीच तनाव बढ़ गया है। भारत सरकार ने नई दिल्ली में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथली को तलब किया। विदेश मंत्रालय ने ईरान से भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग बहाल करने की अपील की। उधर, ईरानी राजदूत ने भारत की चिंताओं को तेहरान के अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

 

लेबनान में 10 दिनों के युद्धविराम के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को शुक्रवार को खुला था। बाद में ट्रंप ने अपने एक बयान में कहा कि ईरान की नाकेबंदी जारी रहेगी। उनके बयान के चंद घंटे बाद ही तेहरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा बंद करने का ऐलान कर दिया। हालांकि भारतीय जहाजों के नाम होर्मुज से गुजरने वाली सूची में शामिल थे। 

 

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बावजूद इसके आईआरजीसी ने फायरिंग की। बाद में भारतीय जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा। विदेश सचिव ने ईरानी राजदूत के सामने भारत की चिंताओं को दोहराया और बताया कि ईरान ने पहले भी भारत आने वाले कई जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने में मदद की थी।

गोलीबारी की घटना पर विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'नई दिल्ली में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के राजदूत को आज शाम विदेश मंत्रालय द्वारा विदेश सचिव के साथ एक बैठक के लिए बुलाया गया। बैठक के दौरान विदेश सचिव ने होर्मुज जलडमरूमध्य में आज पहले हुई गोलीबारी की घटना पर भारत की गहरी चिंता व्यक्त की, जिसमें भारत के झंडे वाले दो जहाज शामिल थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को कितना महत्व देता है। यह भी याद दिलाया कि ईरान ने पहले भी भारत आने वाले कई जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने में मदद की थी।'

 

 

 

 

 व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी की इस गंभीर घटना पर अपनी चिंता दोहराते हुए विदेश सचिव ने ईरानी राजदूत से आग्रह किया कि वे भारत के विचारों को ईरान के अधिकारियों तक पहुंचाएं और होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत आने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द फिर से शुरू करें। ईरान के राजदूत ने इन विचारों को ईरान के अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

 

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भारत के साथ हमारे बेहद अच्छे रिश्ते: ईरान

भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने भारतीय टैंकरों पर गोलीबारी की घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ईरान और भारत के बीच संबंध बेहद मजबूत हैं। मुझे इस घटना के बारे में कुछ भी नहीं पता। हम आशा करते हैं कि सब ठीक हो जाएगा और समाधान निकाला जाएगा। अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने आगे कहा, 'हम यह युद्ध नहीं चाहते। हम शांति चाहते हैं और हमें उम्मीद है कि दूसरा पक्ष भी शांति का मार्ग अपनाएगा, ताकि हम एक शांतिपूर्ण क्षेत्र बना सकें।'

भारतीय जहाजों को बदलना पड़ा रास्ता

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय ध्वज वाले सनमार हेराल्ड और जग अर्नव पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते वक्त गोलीबारी की गई। इन जहाज पर करीब 20 लाख बैरल इराकी तेल लदा था। गोलीबारी के बीच जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा था। ताजा घटनाक्रम के बाद भारत और ईरान के बीच तनाव पैदा हो गया है। भारत सरकार ने गोलीबारी की घटना पर सख्त रुख अपनाया और तेहरान के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया।


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