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ऑपरेशन सिंदूर में PM से मिले, अब बने राम मंदिर के CEO, कौन हैं जितेंद्र मिश्रा?

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बन गए हैं। उन्होंने पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाई थी।

Ayodhya Ram Temple CEO Jitendra Mishra

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, Photo Credit: AI/Social Media

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एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (रिटायर्ड) राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ बन गए हैं। आज राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक के बाद उनके नाम की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने उनके नाम की घोषणा करते हुए कहा, 'एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (रिटायर्ड) ट्रस्ट के CEO होंगे। यह अयोध्या में देवरिया के भोपतपुरा के रहने वाले हैं। वह मध्यवर्ग से आते हैं और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एयर फोर्स ने अहम भूमिका निभाई थी और वे उस ऑपरेशन के दौरान कमांडर-इन-चीफ थे।' जितेंद्र मिश्रा की पीएम मोदी के साथ भी एक फोटो सोशल मीडिया पर वयारल हो रही है। 

 

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के बेहद अनुभवी अधिकारियों में रहे हैं। उन्होंने 6 दिसंबर 1986 को फाइटर पायलट के रूप में वायुसेना जॉइन की और करीब चार दशक तक सेवा दी। वह फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर, चीफ टेस्ट पायलट, दो फ्रंटलाइन एयरबेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग और डिप्टी चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे। 1 जनवरी 2025 को उन्हें वेस्टर्न एयर कमांड का एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ बनाया गया था।

 

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ऑपरेशन सिंदूर में निभाई अहम भूमिका

मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जितेंद्र मिश्रा वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख थे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्होंने इस कमांड के तहत होने वाले हवाई अभियानों का नेतृत्व और संचालन किया। उनकी जिम्मेदारी में ऑपरेशन की योजना, अलग-अलग एयर यूनिट्स के बीच समन्वय और पाकिस्तान की तरफ से आने वाले हवाई खतरों के खिलाफ भारतीय वायु क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल था।

 

 

ऑपरेशन सिंदूर में उनकी भूमिका के लिए उन्हें 2025 में सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से भी सम्मानित किया गया। जितेंद्र मिश्रा 30 अप्रैल 2026 को भारतीय वायुसेना से रिटायर हुए। उन्होंने करीब 38 साल 4 महीने की सेवा के बाद रिटायर्मेंट लिया। 2024 में उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था। 

पीएम मोदी से मुलाकात का किस्सा

ऑपरेसन सिंदूर के दौरान एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा वेस्टर्न एयर कमांड के कमांडर-इन-चीफ थे। 13 मई 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के तुरंत बाद पंजाब के आदमपुर एयरबेस का अचानक दौरा किया था। मोदी ने वहां तैनात एयर वॉरियर्स और सैनिकों से मुलाकात की, ऑपरेशन सिंदूर की तैयारियों और कार्रवाई के बारे में जानकारी ली और उनका हौसला बढ़ाया। 

 

पीएम मोदी के साथ जितेंद्र मिश्रा

कमांडर-इन-चीफ होने के नाते एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा पीएम मोदी को रिसीव करने पहुंचे थे। इस दौरान उनकी मुलाकात पीएम से हुई और कई घंटों तक वह पीएम मोदी के साथ ही रहे। उन्हें सैन्य तैयारियों के बारे में जानकारी दी और ऑपरेशन के बारे में बताया। इस दौरान की एक तस्वीर भी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। 

 

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पीएम से क्या बात की?

पीएम मोदी से मुलाकात के बारे में जितेंद्र मिश्रा ने एक इंटरव्यू में कहा, 'मैंने उनसे पूछा क्या मैं आपके साथ आपकी गाडी में ट्रेवल कर सकता हूं। उन्होंने हां कहा, मैं खुशकिस्मत हूं कि अगले डेढ़ घंटे तक मैं उनके साथ रहा।' उन्होंने बताया कि एयर फोर्स स्टेशन पर हमने उन्हें ब्रीफ किया । इसके बाद वे S 400 के पास गए और इसके साथ पीएम की फोटो भी हुई।  जिसे बाद में पाकिस्तान के झूठे दावों को खारिज करने के लिए जारी किया गया था। ऑपरेशन सिंदूर के कुछ समय बाद जितेंद्र मिश्रा रिटायर हो गए और अब उन्हें राम मंदिर के पहले सीईओ के रूप में एक बड़ी जिम्मेदारी मिली है।

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