आम आदमी पार्टी ने अपने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को सदन में 'उपनेता' के पद से हटा दिया है। राघव चड्ढा, सदन में जनहित के मुद्दे उठाकर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। कभी वह मोबाइल फोन रिचार्ज का मुद्दा उठाते हैं, कभी ऑन लाइन फूड डिलीवरी वर्कर्स के मदद की चर्चा करते हैं। अब पार्टी ने अचानक उन्हें उपनेता के पद से हटा दिया है।
राघव चड्ढा, दुनियाभर के मुद्दों पर बोलते हैं लेकिन आम आदमी पार्टी से जुड़े मुद्दों पर चुप रहे हैं। आम आदमी पार्टी के एक धड़े का कहना है कि राघव चड्ढा की चुप्पी की वजह से अब पार्टी में उन्हें हाशिए पर किया जा रहा है। कार्यकर्ता आरोप लगाते रहे हैं कि वह मुश्किल वक्त में भी अपने नेताओं के साथ नहीं खड़े रहे।
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क्यों गिरी है यह गाज?
जब दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को आबकारी नीति केस में राहत दी थी, आरोपों से डिस्चार्ज किया था, तब सारे नेता, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया से मिलने पहुंचे थे। राघव चड्ढा ने न मुलाकात की, न ही सोशल मीडिया पर कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। वह कई अहम बैठकों से बचते रहे है।
पार्टी की अहम बैठकों से दूर रहते हैं राघव चड्ढा
कभी पंजाब के 'सुपर सीएम' के तौर पर आलोचनाओं के केंद्र में रहने वाले राघव चड्ढा, अचानक आम आदमी पार्टी की राजनीति से दूर होते चले गए। राघव चड्ढा, आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का हिस्सा रहे हैं। गुजरात, पंजाब से लेकर गोवा तक, पार्टी उन्हें स्टार प्रचारक की तरह भेजती रही है। अब अचानक वह पार्टी से दूरी बना रहे हैं, पार्टी का पक्ष भी टीवी चैनलों पर नहीं रख रहे है।
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क्या अब राज्यसभा में नहीं बोल पाएंंगे राघव चड्ढा?
आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को राघव चड्ढा को पार्टी के उपनेता पद से हटाने के लिए लिखा भी है। पंजाब से राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को अब राज्यसभा में राघव चड्ढा वाली जिम्मेदारी मिल सकती है। चिट्ठी में लिखा गया है कि अब राज्यसभा में AAP के लिए आवंटित समयसीमा में बोलने की इजाजत न दी जाए। आम आदमी पार्टी, राज्यसभा में मजबूत स्थिति में है। सदन में 10 सांसद पार्टी के पास हैं। 7 पंजाब से चुने गए हैं, 3 दिल्ली से हैं।