कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी शुक्रवार को पहली बार भारत का आधिकारिक दौरा करेंगे। अपने चार दिवसीय यात्रा के दौरान मार्क कार्नी और पीएम मोदी भारत और कनाडा के बीच साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। जस्टिन ट्रूडो के जाने के बाद से ही कनाडा भारत के साथ रिश्तों को बेहतर बनाने में जुटा है। ट्रूडो के कार्यकाल में 2023 में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद भारत और कनाडा के बीच राजनयिक तनाव पैदा हो गया था। दोनों देशों के बीच रिश्तों को बेहतर बनाने के लिहाज से यह यात्रा बेहद अहम है।
उधर, डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बीच कनाडा भारत जैसे अन्य देशों के साथ नए संभावनाओं को तलाश रहा है। मार्क कार्नी की यात्रा के दौरान दोनों देश ऊर्जा, व्यापार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में साझेदारी को बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।
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सबसे पहले कनाडाई प्रधानमंत्री शुक्रवार को मुंबई जाएंगे। यहां अलग-अलग बिजनेस मीटिंग में भारत और कनाडा के कॉर्पोरेट लीडर्स, फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स और इनोवेटर्स से बातचीत करेंगे। इसके बाद वह नई दिल्ली पहुंचेंगे। यहां सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात होगी। 2 मार्च को मार्क कार्नी भारत से ही ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना होंगे।
कनाडा ने भारत को बताया अहम साझेदार
कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय ने भारत को इंडो-पैसिफिक के तीन सबसे अहम साझेदारों में एक बताया। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने घोषणा की है कि वह 26 फरवरी से 7 मार्च तक भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान जाएंगे, ताकि व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और रक्षा में कैनेडियन वर्कर्स और बिजनेस के लिए नए मौके खोले जा सकें। कनाडा के तीन सबसे मजबूत इंडो-पैसिफिक साझेदारों की इन यात्रा के माध्यम से प्रधानमंत्री उन रिश्तों को और गहरा करेंगे, जो हमारी सुरक्षा और खुशहाली के लिए जरूरी हैं।
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इन क्षेत्रों में भारत और कनाडा करेंगे फोकस
प्रधानमंत्री कार्नी पहले मुंबई और बाद में नई दिल्ली। जहां वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे। लीडर्स ट्रेड, एनर्जी, टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टैलेंट और कल्चर व डिफेंस में बड़ी नई पार्टनरशिप के साथ कनाडा-इंडिया रिश्तों को बेहतर बनाने और बढ़ाने पर फोकस करेंगे। वह कनाडा में इन्वेस्टमेंट के मौकों की पहचान करने और दोनों देशों के बिजनेस के बीच नई पार्टनरशिप बनाने के लिए बिजनेस लीडर्स से मिलेंगे।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने बताया कि कनाडाई प्रधानमंत्री की यह यात्रा भारत और कनाडा के द्विपक्षीय रिश्तों के नॉर्मल होने के एक अहम मोड़ पर हो रही है। दोनों नेता भारत-कनाडा रणनीतिक साझेदारी के अलग-अलग क्षेत्र में अब तक हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे, जो पिछले जून में कनानास्किस और पिछले नवंबर में जोहान्सबर्ग में हुई उनकी पिछली बैठक पर आधारित है। नेताओं के बीच होने वाली मीटिंग भारत और कनाडा के आगे की पार्टनरशिप बनाने में सकारात्मक गति और साझा दृष्टिकोण को फिर से पक्का करने का मौका देगी।